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Solan News: शहर में नहीं एक भी फायर हाइड्रेंट, तंग गलियों में नहीं पहुंचते वाहन
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-मुद्दा-
नपं अर्की में हर साल अग्निकांड की घटनाओं से होता है लाखों रुपये का नुकसान
पुराने बस अड्डे के समीप आग की घटना में 10 लोगों की चली गई थी जान
8 हजार से अधिक आबादी झेल रही परेशानी
योगेश शर्मा
अर्की (सोलन)। नगर पंचायत अर्की में 30 वर्षों से लोग जहां कई समस्याओं से परेशान हैं, वहीं सबसे बड़ा मुद्दा अग्निकांड के दौरान लोगों की सुरक्षा का है। आज भी आग बुझाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। करीब 8000 से ज्यादा आबादी वाले इस नगर पंचायत में 10 वर्ष पूर्व फायर स्टेशन तो खोला गया लेकिन आज भी हाइड्रेंट नहीं लग पाए हैं। संकरी गलियों और सड़कों में बसे शहर में यदि आग की घटना हो जाए तो घटनास्थल तक पहुंचने के लिए दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। हाइड्रेंट न होने केे कारण जब तक अग्निशमन विभाग की गाड़ी पानी भरकर वापस आती है तब तक नुकसान काफी अधिक हो चुका होता है।
बीते 11 जनवरी की मध्य रात्रि अर्की पुराने बस अड्डे के समीप आग की घटना में 10 लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीमों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन घंटों बाद आग पर काबू पाया गया। हाइड्रेंट न होने की वजह से फायर वेंडर को पानी के लिए भटकना पड़ा जिस कारण आग की लपटें साथ लगते भवनों तक भी पहुंच गई थीं और लोगों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा।
अर्की बाजार के कारोबारी वीरेंद्र वर्मा, जय सिंह ओम प्रकाश, नवीन, अनुज, अमित गुप्ता और आशीष शर्मा आदि ने कहा कि नगर पंचायत को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। शहर में अभी तक हाइड्रेंट नहीं लगे हैं जिसका खामियाजा आम आदमी और व्यापारियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को बने हुए 30 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक लोगों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। सरकार व नगर पंचायत को इस पर जल्द कार्य करना चाहिए।
प्रदेश सरकार के मौजूदा मंत्री व विपक्ष के नेताओं समेत सांसद ने भी इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए जल्द ही हाइड्रेंट लगाने पर जोर दिया था लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ है। हालांकि शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर आकर हाइड्रेंट लगाने को लेकर अमृत योजना का जिक्र किया था और आश्वासन दिया था कि जल्द ही हाइड्रेंट लगा दिए जाएंगे लेकिन अभी तक निर्माण कार्य लटके पड़े हैं।
कोट्स
काफी समय पहले सरकार को नगर पंचायत की ओर से हाइड्रेंट लगाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही हाइड्रेंट लग जाएंगे ताकि लोगों को आग की घटनाओं के समय राहत मिल सके।
-अभिनव शर्मा, सचिव, नगर पंचायत अर्की
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पुराने बस अड्डे के समीप आग की घटना में 10 लोगों की चली गई थी जान
8 हजार से अधिक आबादी झेल रही परेशानी
योगेश शर्मा
अर्की (सोलन)। नगर पंचायत अर्की में 30 वर्षों से लोग जहां कई समस्याओं से परेशान हैं, वहीं सबसे बड़ा मुद्दा अग्निकांड के दौरान लोगों की सुरक्षा का है। आज भी आग बुझाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। करीब 8000 से ज्यादा आबादी वाले इस नगर पंचायत में 10 वर्ष पूर्व फायर स्टेशन तो खोला गया लेकिन आज भी हाइड्रेंट नहीं लग पाए हैं। संकरी गलियों और सड़कों में बसे शहर में यदि आग की घटना हो जाए तो घटनास्थल तक पहुंचने के लिए दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। हाइड्रेंट न होने केे कारण जब तक अग्निशमन विभाग की गाड़ी पानी भरकर वापस आती है तब तक नुकसान काफी अधिक हो चुका होता है।
बीते 11 जनवरी की मध्य रात्रि अर्की पुराने बस अड्डे के समीप आग की घटना में 10 लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीमों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन घंटों बाद आग पर काबू पाया गया। हाइड्रेंट न होने की वजह से फायर वेंडर को पानी के लिए भटकना पड़ा जिस कारण आग की लपटें साथ लगते भवनों तक भी पहुंच गई थीं और लोगों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा।
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अर्की बाजार के कारोबारी वीरेंद्र वर्मा, जय सिंह ओम प्रकाश, नवीन, अनुज, अमित गुप्ता और आशीष शर्मा आदि ने कहा कि नगर पंचायत को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। शहर में अभी तक हाइड्रेंट नहीं लगे हैं जिसका खामियाजा आम आदमी और व्यापारियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को बने हुए 30 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक लोगों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। सरकार व नगर पंचायत को इस पर जल्द कार्य करना चाहिए।
प्रदेश सरकार के मौजूदा मंत्री व विपक्ष के नेताओं समेत सांसद ने भी इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए जल्द ही हाइड्रेंट लगाने पर जोर दिया था लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ है। हालांकि शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर आकर हाइड्रेंट लगाने को लेकर अमृत योजना का जिक्र किया था और आश्वासन दिया था कि जल्द ही हाइड्रेंट लगा दिए जाएंगे लेकिन अभी तक निर्माण कार्य लटके पड़े हैं।
कोट्स
काफी समय पहले सरकार को नगर पंचायत की ओर से हाइड्रेंट लगाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही हाइड्रेंट लग जाएंगे ताकि लोगों को आग की घटनाओं के समय राहत मिल सके।
-अभिनव शर्मा, सचिव, नगर पंचायत अर्की
