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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Healthcare services at Subathu PHC in shambles; even anti-rabies injections unavailable.

Solan News: सुबाथू पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल, एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी नही

Thu, 06 Aug 2026 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 06 Aug 2026 11:36 PM IST
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10 रुपये में मिलने वाली इंसुलिन सिरिंज तक नहीं मिल पा रही मरीजों को
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एंटी रेबीज का टीका भी महंगे दामों पर बाहर से खरीदना पड़ रहा
दर्जनों गांव के लोग आते हैं यहां पर इलाज के लिए, नहीं मिलती है सुविधाएं

कपिल गुप्ता
सुबाथू (सोलन)। हिमाचल प्रदेश सरकार के ''व्यवस्था परिवर्तन के दावे कसौली विस क्षेत्र के सुबाथू में खोखले साबित हो रहे हैं। सुबाथू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों को 10 रुपये में मिलने वाली इंसुलिन सिरिंज भी उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति तब है जब सुबाथू से शिक्षा प्राप्त कर चुके डॉ. धनीराम शांडिल बीते साढ़े तीन साल से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने से सुबाथू सहित आसपास की छह पंचायतों के हजारों लोगों को इलाज के लिए दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
पीएचसी में लंबे समय से डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन की कमी है। एक डॉक्टर तैनात है, लेकिन उन्हें अक्सर अन्य अस्पतालों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है। इसके चलते डॉक्टर महीने में करीब 10 दिन ही सुबाथू पीएचसी में अपनी सेवाएं दे पाते हैं। लैब टेक्नीशियन का पद भी कई महीनों से खाली पड़ा है।
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सुबाथू पीएचसी के दायरे में रडियाना, जाडला, खाल्टू, भाली, आरला, कठनी नयानगर, ककरहट्टी, गम्बरपुल, गमझुन, हरिपुर, लोअर थड़ी, गद्दों, राणो, पनशोड़ा, शांगडी, भेरा, ऊपर थड़ी और पनुह सहित दर्जनों गांव आते हैं। इन सभी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए सुबाथू ही इलाज का सबसे नजदीकी केंद्र है। डॉक्टर के निरंतर न मिलने और एंटी रेबीज टीके जैसी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है। गंभीर या आपातकाल की स्थिति में मरीजों को करीब 15 से 22 किलोमीटर का सफर तय कर धर्मपुर या सोलन अस्पताल जाना पड़ता है। इससे उनकी परेशानी और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ रहे हैं।
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पूर्व सैनिक लीग सुबाथू के अध्यक्ष दीपक तमांग ने बताया कि सुबाथू पीएचसी आसपास की छह पंचायतों के हजारों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में आवारा कुत्तों का खतरा बढ़ने के बावजूद यहां एंटी रेबीज इंजेक्शन, डॉ़ग बाइट की दवाइयां और इंसुलिन सिरिंज भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दवाइयों की कमी नहीं, बल्कि छह पंचायतों के हजारों नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पीएचसी में जीवनरक्षक दवाइयां और आवश्यक मेडिकल सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।

सुबाथू छावनी के मनोनीत सदस्य रवि शर्मा ने कहा कि पीएचसी में डॉक्टर और आवश्यक दवाइयों का न मिलना हजारों ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पूर्व जयराम सरकार ने सुबाथू पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड किया था। इससे छह पंचायतों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही सुबाथू अस्पताल का दर्जा घटाकर इसे फिर से पीएचसी कर दिया गया। उधर, इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि सुबाथू पीएचसी में जो भी दिक्कतें हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
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