अंतरराज्यीय वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा मामला: गौरव को लेकर झंडूता पहुंची पुलिस, कब्जे में लिया डिजिटल रिकॉर्ड
अंतरराज्यीय वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा मामले में मुख्य आरोपी गौरव को लेकर पुलिस झंडूता पहुंची। जहां पुलिस ने मुख्य रूप से यह जानने की कोशिश की कि गौरव किस सीट पर बैठकर कार्य करता था, किस कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करता था और उसकी दैनिक कार्य प्रणाली क्या थी। पढ़ें पूरी खबर...
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अंतरराज्यीय वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा मामले में मुख्य आरोपी गौरव को लेकर शनिवार को सोलन पुलिस झंडूता पहुंची। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से यह जानने की कोशिश की कि गौरव किस सीट पर बैठकर कार्य करता था, किस कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करता था और उसकी दैनिक कार्य प्रणाली क्या थी। उससे उसकी पोस्टिंग, ज्वाइनिंग समय और कार्यालय में भूमिका से जुड़े सवाल भी किए गए। जांच के दौरान पुलिस ने कार्यालय से डिजिटल रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए हैं। इनमें डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डाटा शामिल बताया जा रहा है, जिनका उपयोग आगे फॉरेंसिक जांच में किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार आरोपी से पूछताछ के दौरान उसे हथकड़ी लगी हुई थी। टीम ने मौके पर ही सिस्टम और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की और यह समझने की कोशिश की कि फर्जीवाड़े में डिजिटल स्तर पर किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई गई थी। बताया जा रहा है कि गौरव की पोस्टिंग झंडूता क्षेत्र में लगभग एक वर्ष पहले हुई थी। उसे गन लाइसेंसिंग और ई-सेवाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस अब उसकी पूरी सर्विस हिस्ट्री और एक्सेस लॉग की भी जांच कर रही है। पूरे मामले में पुलिस का मुख्य फोकस डिजिटल साक्ष्यों पर है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि सिस्टम में किसी प्रकार की अनधिकृत एंट्री या फर्जी अप्रूवल कैसे किए गए। इसी दिशा में डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में हुए फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को अदालत ने 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे शनिवार को बिलासपुर ले गई, जहां से इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। आरोपी के बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस अब उन खातों और एजेंटों की कुंडली खंगाल रही है, जिनके माध्यम से यह पैसा ट्रांसफर हुआ।
रिमांड के दौरान गौरव से उन अन्य सफेदपोशों और कर्मचारियों के बारे में पूछताछ की जाएगी, जो इस संगठित अपराध में पर्दे के पीछे से मदद कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि उसने एसडीएम और क्लर्क के नाम पर फर्जी यूजर आईडी बनाकर पोर्टल में सेंध लगाई। बिना किसी भौतिक रिकॉर्ड के वाहनों के वजन, बैंक हाइपोथिकेशन और ऑनर सीरियल नंबर में अवैध बदलाव किए। सोलन के अलावा बिलासपुर, मंडी और ऊना तक फैले एजेंटों के नेटवर्क को वही कंट्रोल कर रहा था। एसपी सोलन टी एसडी वर्मा ने बताया कि आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
