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Solan News: नौणी विवि ने शुरू किया वाइन मेकिंग व्यावसायिक पाठ्यक्रम
Mon, 13 Jul 2026 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:49 PM IST
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विश्वविद्यालय ने 10 सीटों के लिए आवेदन मांगे
8 अगस्त तक किए जाएंगे आवेदन, 14 को होगी काउंसिलिंग, 20 से पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय ने तीन माह का वाइन मेकिंग व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य कृषि उद्यमियों, फल उत्पादकों और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए तकनीकी दक्षता देना है। पाठ्यक्रम में 10 सीटें उपलब्ध हैं। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देगा। इच्छुक अभ्यर्थी 8 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। काउंसिलिंग 14 अगस्त को होगी और पाठ्यक्रम 20 अगस्त से शुरू होगा।
वाइन टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक वाइन उत्पादन की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसमें फलों के चयन, रस निष्कर्षण, किण्वन, यीस्ट कल्चर प्रबंधन, स्पष्टीकरण, फिल्ट्रेशन, परिपक्वता, ब्लेंडिंग, बॉटलिंग, पाश्चुरीकरण और गुणवत्ता मूल्यांकन शामिल हैं। उच्च गुणवत्ता वाली वाइन बनाने के लिए भौतिक-रासायनिक और सूक्ष्म जीव विज्ञान संबंधी पहलुओं को भी कवर किया जाएगा।
पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता विकास और व्यावसायिक वाइनरी प्रबंधन को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी), गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (जीएचपी) और गुणवत्ता आश्वासन का प्रशिक्षण मिलेगा। लघु एवं मध्यम स्तर की वाइनरी स्थापित करने और संचालित करने संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका सृजन का प्रभावी माध्यम है।
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प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम 40 फीसदी अंक है। स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलेगी। पाठ्यक्रम की फीस 18,000 रुपये है। आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेज और 100 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट/आईपीओ के साथ हेड, डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, जिला सोलन (हि.प्र.)–173230 के पते पर पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट से भेजा जा सकता है। व्यक्तिगत रूप से भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
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8 अगस्त तक किए जाएंगे आवेदन, 14 को होगी काउंसिलिंग, 20 से पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय ने तीन माह का वाइन मेकिंग व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य कृषि उद्यमियों, फल उत्पादकों और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए तकनीकी दक्षता देना है। पाठ्यक्रम में 10 सीटें उपलब्ध हैं। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देगा। इच्छुक अभ्यर्थी 8 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। काउंसिलिंग 14 अगस्त को होगी और पाठ्यक्रम 20 अगस्त से शुरू होगा।
वाइन टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक वाइन उत्पादन की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसमें फलों के चयन, रस निष्कर्षण, किण्वन, यीस्ट कल्चर प्रबंधन, स्पष्टीकरण, फिल्ट्रेशन, परिपक्वता, ब्लेंडिंग, बॉटलिंग, पाश्चुरीकरण और गुणवत्ता मूल्यांकन शामिल हैं। उच्च गुणवत्ता वाली वाइन बनाने के लिए भौतिक-रासायनिक और सूक्ष्म जीव विज्ञान संबंधी पहलुओं को भी कवर किया जाएगा।
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पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता विकास और व्यावसायिक वाइनरी प्रबंधन को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी), गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (जीएचपी) और गुणवत्ता आश्वासन का प्रशिक्षण मिलेगा। लघु एवं मध्यम स्तर की वाइनरी स्थापित करने और संचालित करने संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका सृजन का प्रभावी माध्यम है।
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प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम 40 फीसदी अंक है। स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलेगी। पाठ्यक्रम की फीस 18,000 रुपये है। आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेज और 100 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट/आईपीओ के साथ हेड, डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, जिला सोलन (हि.प्र.)–173230 के पते पर पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट से भेजा जा सकता है। व्यक्तिगत रूप से भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं।