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Solan News: कुनिहार अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद, रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीज बेहाल
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स्वास्थ्य मंत्री से भी मिल चुके हैं लोग, विभाग को कई बार किया गया है पत्राचार
20 हजार से ज्यादा आबादी झेल रही परेशानी
निजी क्लीनिकों में 400 से 600 रुपये तक करवा रहे अल्ट्रासाउंड
अजय जोशी
कुनिहार (सोलन)। सिविल अस्पताल कुनिहार में लाखों रुपये की लागत से खरीदी अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई वर्षों से धूल फांक रही है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने के कारण यह मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है, जिससे क्षेत्र की एक दर्जन पंचायतों की करीब 20 हजार की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन रोगियों को मजबूरी में सोलन, शिमला या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। निजी केंद्रों पर जांच करवाना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन गया है। यहां पर 400 से 600 रुपये में टेस्ट किया जा रहा है। इससे दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कुनिहार विकास सेवा के अध्यक्ष धनीराम तंवर ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के साथ कई बार पत्राचार किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को भी व्यक्तिगत रूप से स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि कुनिहार सिविल अस्पताल में जल्द रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी नियुक्ति की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने स्वीकार किया कि अस्पताल में मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण सेवाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों को इस कमी के बारे में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और जैसे ही विशेषज्ञ की नियुक्ति होगी, अल्ट्रासाउंड सेवा तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
सरकारी धन की बर्बादी का डर
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मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन रोगियों को मजबूरी में सोलन, शिमला या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। निजी केंद्रों पर जांच करवाना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन गया है। यहां पर 400 से 600 रुपये में टेस्ट किया जा रहा है। इससे दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कुनिहार विकास सेवा के अध्यक्ष धनीराम तंवर ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के साथ कई बार पत्राचार किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को भी व्यक्तिगत रूप से स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि कुनिहार सिविल अस्पताल में जल्द रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी नियुक्ति की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने स्वीकार किया कि अस्पताल में मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण सेवाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों को इस कमी के बारे में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और जैसे ही विशेषज्ञ की नियुक्ति होगी, अल्ट्रासाउंड सेवा तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
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