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1 किलो के 1000 रुपये: हिमाचल प्रदेश में ब्लूबेरी किसानों की बदल सकती है किस्मत, सोलन में हुआ सफल ट्रायल
ललित कश्यप, सोलन।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 14 Jun 2026 03:25 PM IST
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सार
सोलन जिले में बागवानी विभाग द्वारा ब्लूबेरी की खेती पर किया गया प्रायोगिक ट्रायल सफल रहा है। धारों की धार क्षेत्र में दो वर्ष पहले लगाए गए पौधों पर इस साल अच्छी फसल देखने को मिली है। जिले के सोलन, कुनिहार और कंडाघाट ब्लॉक में 1400 पौधों के साथ अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
ब्लूबेरी
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अब ब्लू बेरी की खेती एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। सोलन जिले में बागवानी विभाग द्वारा किया गया एक नया प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ाने के रास्ते खुले हैं, बल्कि प्रदेश की बागवानी में विविधता लाने की एक नई शुरुआत भी हो चुकी है।
उद्यान विभाग ने करीब दो साल पहले सोलन जिले के धारों की धार क्षेत्र में ब्लूबेरी के कई पौधे प्रायोगिक तौर पर लगाए थे। पहले चरण का यह ट्रायल बेहद सफल रहा है और इस साल ज्यादातर पौधों में शानदार फल आए हैं। अभी तक भारत में ब्लू बेरी की खेती मुख्य रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तराखंड के कुछ सीमित क्षेत्रों में ही की जा रही थी, लेकिन अब इसमें हिमाचल का नाम भी जुड़ गया है। सोलन जिले के तीन प्रमुख विकास खंडों सोलन, कुनिहार और कंडाघाट में केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत चार अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों में संरक्षित परिस्थितियों के बीच लगभग 1,400 ब्लू बेरी के पौधे उगाए जा रहे हैं।
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कुछ प्रगतिशील किसानों ने तो इसका उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बेचना भी शुरू कर दिया है। बाजार में किसानों को इसके लिए 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक का बेहतरीन दाम मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा उछाल आया है। उद्यान विभाग की उपनिदेशक डॉ. शिवाली ठाकुर ने बताया कि भारत में अभी ब्लू बेरी की व्यावसायिक खेती बहुत सीमित है।
हिमाचल की ठंडी जलवायु को देखते हुए यहां इसकी अपार संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने से न केवल राज्य के बागवानी पोर्टफोलियो में बदलाव आएगा, बल्कि किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सोलन में किया गया ट्रायल सफल रहा है।
अब 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विस्तार की योजना
शुरुआती सफलता और बागवानों के भारी उत्साह को देखते हुए विभाग अब बड़े स्तर पर इसके विस्तार की तैयारी में है। हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन एचपी शिवा परियोजना के तहत अब अकेले सोलन जिले में ही 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर ब्लूबेरी की खेती को फैलाने का एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह 6.12 फीट ऊंची एक झाड़ी होती है। हिमाचल की अम्लीय मिट्टी और सर्दियों का ठंडा मौसम इसके लिए बेहद मुफीद है।
शुरुआती सफलता और बागवानों के भारी उत्साह को देखते हुए विभाग अब बड़े स्तर पर इसके विस्तार की तैयारी में है। हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन एचपी शिवा परियोजना के तहत अब अकेले सोलन जिले में ही 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर ब्लूबेरी की खेती को फैलाने का एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह 6.12 फीट ऊंची एक झाड़ी होती है। हिमाचल की अम्लीय मिट्टी और सर्दियों का ठंडा मौसम इसके लिए बेहद मुफीद है।