सोलन में नारद जयंती पर संगोष्ठी में पत्रकारिता के मूल्यों पर मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। विश्व संवाद केंद्र शिमला की ओर से देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर शनिवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सोलन के होटल पैरागॉन में आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारिता से जुड़े विशेषज्ञों, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारियों और मीडिया विद्यार्थियों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने देवर्षि नारद को भारतीय पत्रकारिता का आदर्श स्वरूप बताया। वक्ताओं का कहना था कि नारद मुनि केवल एक ऋषि नहीं, बल्कि लोक कल्याणकारी संवाद के प्रथम वाहक थे, जिन्होंने निर्भीक, निष्पक्ष और धर्म-संगत संवाद को अपनी शैली बनाया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. अवनीश कुमार ने कहा कि नारद मुनि सनातन मूल्यों के संवाहक और संवाद की परंपरा के जन्मदाता थे। उनका संवाद समाज को जोड़ने और नीति पर चलने के लिए प्रेरित करता था। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता को नारद जैसे चरित्रों से प्रेरणा लेते हुए सत्य के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। सनसनी या पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर पत्रकारों को निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जनहित के लिए संवाद करना चाहिए। मुख्यातिथि वरिष्ठ पत्रकार सुशील कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और पत्रकार का धर्म है कि वह तथ्यों को बिना मिलावट के प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का माध्यम है। पत्रकारों को संवाद की शैली में गरिमा, विवेक और संतुलन बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम में सोलन जिला प्रचार प्रमुख कमलेश कुमार, वेद आर्य, अशोक टंडन, बीआर नेगी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।