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Solan News: अर्की में वैदिक यज्ञ का दिया जा रहा प्रशिक्षण
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अर्की के ज्योशी मान में आयोजित राष्ट्रीय वेद कार्यशाला के दौरान वैदिक यज्ञ का प्रशिक्षण लेते प्
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ज्योशी मान में पांच दिवसीय राष्ट्रीय वेद कार्यशाला जारी
देशभर से 20 प्रतिभागी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। ज्योशी मान गांव में निगमागम प्रतिष्ठान न्यास की ओर से पांच दिवसीय दर्श-पौर्णमास-इष्टि प्रशिक्षण विषयक राष्ट्रीय वेद कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 11 से 15 जून तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा जम्मू सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए 20 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
इस दौरान प्रतिभागियों को प्राचीन वैदिक सभ्यता और वैदिक यज्ञों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. ओमकार यशवंत सेलुकर धर्मपत्नी सहित उपस्थित हैं। वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायं अग्निहोत्र संपन्न कराने के साथ-साथ प्रतिभागियों को वैदिक यज्ञों के सिद्धांतों एवं उनकी वैज्ञानिकता की जानकारी दे रहे हैं।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग परिसर उत्तराखंड के डॉ. अंकुर वत्स सह-प्रशिक्षक के रूप में वैदिक यज्ञों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला के दौरान स्थानीय ग्रामवासी भी सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। ग्रामीण प्रतिदिन श्रीसूक्त हवन में भाग लेने के साथ-साथ भजन संध्या का आयोजन भी कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
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देशभर से 20 प्रतिभागी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। ज्योशी मान गांव में निगमागम प्रतिष्ठान न्यास की ओर से पांच दिवसीय दर्श-पौर्णमास-इष्टि प्रशिक्षण विषयक राष्ट्रीय वेद कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 11 से 15 जून तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा जम्मू सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए 20 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
इस दौरान प्रतिभागियों को प्राचीन वैदिक सभ्यता और वैदिक यज्ञों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. ओमकार यशवंत सेलुकर धर्मपत्नी सहित उपस्थित हैं। वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायं अग्निहोत्र संपन्न कराने के साथ-साथ प्रतिभागियों को वैदिक यज्ञों के सिद्धांतों एवं उनकी वैज्ञानिकता की जानकारी दे रहे हैं।
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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग परिसर उत्तराखंड के डॉ. अंकुर वत्स सह-प्रशिक्षक के रूप में वैदिक यज्ञों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला के दौरान स्थानीय ग्रामवासी भी सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। ग्रामीण प्रतिदिन श्रीसूक्त हवन में भाग लेने के साथ-साथ भजन संध्या का आयोजन भी कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।