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Solan News: नशे को न कहना सीखें युवा, साथियों को भी करें जागरूक
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छात्र स्कूल सोलन में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करते उपायुक्त सोलन मनमोहन
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सोलन स्कूल में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के द्वितीय चरण के शुभारंभ पर बोले डीसी
20 अगस्त तक जिले के सभी सरकारी निजी स्कूलों में चलेंगे विशेष कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला प्रशासन युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराई से पूरी तरह दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कही। उन्होंने यहां एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ठाकुर के कड़े दिशा-निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चिट्टा जैसे खतरनाक मादक पदार्थों के समूल नाश के लिए एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा युवाओं को नशे को ना कहना सीखना होगा और अपने साथियों को भी इससे बचाना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के छात्र ही कल देश और प्रदेश का भविष्य तय करेंगे। चिट्टा जैसा नशा न केवल इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बनाता है, बल्कि यह आर्थिक कमजोरी और सामाजिक बहिष्कार का कारण भी बनता है। अगर युवा वर्ग ठान ले, तो उन्हें किसी भी तरह के नशे के चंगुल में नहीं फंसाया जा सकता। शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपल चौहान ने बताया कि जिला के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, उच्च विद्यालयों और निजी स्कूलों में यह एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान 1 जून 2026 से 20 अगस्त 2026 तक लगातार चलाया जाएगा। इस दौरान जिला के विभिन्न अधिकारियों को स्कूलों में जाकर छात्रों को नशाखोरी (विशेषकर चिट्टा) के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे एक अनुशासित और स्वस्थ जीवन पद्धति अपना सकें।
अध्यापकों और अभिभावकों से मित्रवत व्यवहार की अपील
उपायुक्त ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी विशेष आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ दोस्ताना और मित्रवत व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को नैतिक मूल्यों, खेलों और नियमित व्यायाम जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है।
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20 अगस्त तक जिले के सभी सरकारी निजी स्कूलों में चलेंगे विशेष कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला प्रशासन युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराई से पूरी तरह दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कही। उन्होंने यहां एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ठाकुर के कड़े दिशा-निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चिट्टा जैसे खतरनाक मादक पदार्थों के समूल नाश के लिए एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा युवाओं को नशे को ना कहना सीखना होगा और अपने साथियों को भी इससे बचाना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के छात्र ही कल देश और प्रदेश का भविष्य तय करेंगे। चिट्टा जैसा नशा न केवल इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बनाता है, बल्कि यह आर्थिक कमजोरी और सामाजिक बहिष्कार का कारण भी बनता है। अगर युवा वर्ग ठान ले, तो उन्हें किसी भी तरह के नशे के चंगुल में नहीं फंसाया जा सकता। शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपल चौहान ने बताया कि जिला के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, उच्च विद्यालयों और निजी स्कूलों में यह एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान 1 जून 2026 से 20 अगस्त 2026 तक लगातार चलाया जाएगा। इस दौरान जिला के विभिन्न अधिकारियों को स्कूलों में जाकर छात्रों को नशाखोरी (विशेषकर चिट्टा) के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे एक अनुशासित और स्वस्थ जीवन पद्धति अपना सकें।
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अध्यापकों और अभिभावकों से मित्रवत व्यवहार की अपील
उपायुक्त ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी विशेष आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ दोस्ताना और मित्रवत व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को नैतिक मूल्यों, खेलों और नियमित व्यायाम जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है।