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Una News: बल्क ड्रग पार्क में चार स्थानों पर लगेंगे वायु निगरानी केंद्र
Wed, 22 Jul 2026 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 22 Jul 2026 01:02 AM IST
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ऊना। प्रदेश सरकार ने बल्क ड्रग पार्क (बीडीपी) में उद्योगों के चलने से पहले ही हवा की सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया है। पार्क के भीतर और आसपास की आबादी तक स्वच्छ हवा पहुंचे, इसके लिए आधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। धूल और गैसों के उत्सर्जन पर कड़ी निगरानी रखने के साथ ही हर छह माह में पर्यावरण मंत्रालय को रिपोर्ट भी भेजनी होगी।
बीडीपी की पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों के तहत बल्क ड्रग पार्क में परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए कम से कम चार निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें एक केंद्र औद्योगिक क्षेत्र के भीतर तथा तीन केंद्र बाहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। इनका चयन हवा की दिशा को ध्यान में रखते हुए उन स्थानों पर किया जाएगा, जहां धूल कण (पीएम-10, पीएम-2.5), सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड की अधिक सांद्रता की संभावना होगी। यह पूरी प्रक्रिया राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के परामर्श से पूरी की जाएगी।
पार्क में जहां-जहां धूल उत्पन्न होने की आशंका होगी, वहां वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही उत्सर्जन सुनिश्चित करना होगा, ताकि आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता प्रभावित न हो।
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हर छह महीने में मंत्रालय को भेजेंगे रिपोर्ट
इसके अलावा वायु गुणवत्ता और उत्सर्जन से जुड़े सभी आंकड़ों का नियमित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इन आंकड़ों को प्रत्येक छह माह में अनुपालन रिपोर्ट के साथ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजना होगा। इससे पार्क में पर्यावरणीय मानकों के पालन की नियमित समीक्षा हो सकेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। आधुनिक निगरानी व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लागू होने से औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बल्क ड्रक पार्क के लिए तैयार की गई डीपीआर में हवा की गुणवत्ता निगरानी प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव है। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
-अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग
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बीडीपी की पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों के तहत बल्क ड्रग पार्क में परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए कम से कम चार निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें एक केंद्र औद्योगिक क्षेत्र के भीतर तथा तीन केंद्र बाहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। इनका चयन हवा की दिशा को ध्यान में रखते हुए उन स्थानों पर किया जाएगा, जहां धूल कण (पीएम-10, पीएम-2.5), सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड की अधिक सांद्रता की संभावना होगी। यह पूरी प्रक्रिया राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के परामर्श से पूरी की जाएगी।
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पार्क में जहां-जहां धूल उत्पन्न होने की आशंका होगी, वहां वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही उत्सर्जन सुनिश्चित करना होगा, ताकि आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता प्रभावित न हो।
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हर छह महीने में मंत्रालय को भेजेंगे रिपोर्ट
इसके अलावा वायु गुणवत्ता और उत्सर्जन से जुड़े सभी आंकड़ों का नियमित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इन आंकड़ों को प्रत्येक छह माह में अनुपालन रिपोर्ट के साथ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजना होगा। इससे पार्क में पर्यावरणीय मानकों के पालन की नियमित समीक्षा हो सकेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। आधुनिक निगरानी व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लागू होने से औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बल्क ड्रक पार्क के लिए तैयार की गई डीपीआर में हवा की गुणवत्ता निगरानी प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव है। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
-अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग