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Una News: पशुपालन विभाग के पास एंटी रैबीज टीके उपलब्ध नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:35 AM IST
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नारी (ऊना)। पशुपालन विभाग के पास एंटी रैबीज टीके उपलब्ध नहीं हैं। लोगों को अपने पैसे खर्च करके टीकाकरण करवाना पड़ रहा है। क्षेत्र में लावारिस कुत्ते पागल हो रहे हैं। गत दिनों नारी में पांच पशुओं की लावारिस कुत्ते के काटने से मौत हो चुकी है।
विभाग के पास रैबीज के टीके न होने का खुलासा भी इस दौरान हुआ। जब ग्रामीणों को खुद की जेब से पैसे खर्च करके टीके लगवाने पड़े। क्षेत्र में पागल कुत्ता लोगों के लिए भी हर वक्त खतरा बना हुआ है। स्कूली बच्चों और वृद्धों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
पागल कुत्तों से जानवरों को काटने के बारे में ग्रामीणों ने संबंधित पशु चिकित्सक को सूचना दे दी थी और दो ने जागरूकता की कमी के कारण डॉक्टर को सूचित नहीं किया। पागल कुत्ते पकड़े नहीं गए और अब भी गांव में हड़कंप मचा हुआ है। शेष बचे पशु पालकों ने अपने खर्चे पर एंटी रैबीज टीकाकरण अपने पशुओं को करवाना शुरू कर दिया है। किसानों और पशुपालकों से जुड़ा मसला है और इतना बड़ा विभाग है परंतु एंटी रैबीज टीके उपलब्ध ही नहीं है।
ग्रामीणों में जितेंद्र कुमार, योगराज, अशोक कुमार, गुरु चरण दास, राजेंद्र, केवल, जगत राम का कहना है कि अब तक पशुपालन विभाग की ओर से निशुल्क टीके लगाए जाते थे। बड़ी हैरानी की बात है कि हमें खुद पैसे खर्च करके टीकाकरण करवाना पड़ रहा है।
लोगों ने मांग की है कि जीवित पशुओं को तीन टीके और लगाए जाने हैं। विभाग जल्द ही निशुल्क टीके लगाने की व्यवस्था करे नहीं तो जनता यह मामला जिलाधीश ऊना जतिन लाल के संज्ञान में लाएगी। विभाग को चाहिए कि सावधानी के तौर पर सभी गावों में एंटी रैबीज टीकाकरण किया जाए ताकि पशु सुरक्षित रहें।
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विभाग के पास रैबीज के टीके न होने का खुलासा भी इस दौरान हुआ। जब ग्रामीणों को खुद की जेब से पैसे खर्च करके टीके लगवाने पड़े। क्षेत्र में पागल कुत्ता लोगों के लिए भी हर वक्त खतरा बना हुआ है। स्कूली बच्चों और वृद्धों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
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पागल कुत्तों से जानवरों को काटने के बारे में ग्रामीणों ने संबंधित पशु चिकित्सक को सूचना दे दी थी और दो ने जागरूकता की कमी के कारण डॉक्टर को सूचित नहीं किया। पागल कुत्ते पकड़े नहीं गए और अब भी गांव में हड़कंप मचा हुआ है। शेष बचे पशु पालकों ने अपने खर्चे पर एंटी रैबीज टीकाकरण अपने पशुओं को करवाना शुरू कर दिया है। किसानों और पशुपालकों से जुड़ा मसला है और इतना बड़ा विभाग है परंतु एंटी रैबीज टीके उपलब्ध ही नहीं है।
ग्रामीणों में जितेंद्र कुमार, योगराज, अशोक कुमार, गुरु चरण दास, राजेंद्र, केवल, जगत राम का कहना है कि अब तक पशुपालन विभाग की ओर से निशुल्क टीके लगाए जाते थे। बड़ी हैरानी की बात है कि हमें खुद पैसे खर्च करके टीकाकरण करवाना पड़ रहा है।
लोगों ने मांग की है कि जीवित पशुओं को तीन टीके और लगाए जाने हैं। विभाग जल्द ही निशुल्क टीके लगाने की व्यवस्था करे नहीं तो जनता यह मामला जिलाधीश ऊना जतिन लाल के संज्ञान में लाएगी। विभाग को चाहिए कि सावधानी के तौर पर सभी गावों में एंटी रैबीज टीकाकरण किया जाए ताकि पशु सुरक्षित रहें।