{"_id":"69d94a711c22fe3ecc0dd877","slug":"whoever-launches-a-campaign-against-drugs-will-be-given-the-command-of-the-village-head-una-news-c-93-1-una1002-187752-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: जो नशे के खिलाफ छेड़े अभियान, उसे मिले गांव के प्रधान की कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: जो नशे के खिलाफ छेड़े अभियान, उसे मिले गांव के प्रधान की कमान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:37 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गगरेट (ऊना)। गांवों में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों को देखते हुए अब युवा वर्ग खुलकर इसके खिलाफ एकजुट हो गया है। जो नशे के खिलाफ छेड़े अभियान, उसे मिले गांव के प्रधान की कमान... जैसे दमदार नारों के साथ युवाओं ने एक व्यापक जनजागरूकता अभियान छेड़ दिया है। जिसका असर अब गांव की चौपाल से लेकर पंचायत चुनाव तक साफ दिखाई देने लगेगा। युवाओं द्वारा सुबह-शाम रैलियां निकालकर, घर-घर जाकर लोगों को नशे के नुकसान और नुक्कड़ सभाओं, बैठकों के माध्यम से बुजुर्गों, महिलाओं और किशोरों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस अभियान में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि गांव की महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि नशा न सिर्फ स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी कमजोर करता है और समाज में अपराध जैसी समस्याओं को जन्म देता है। अब समय आ गया है कि पंचायत स्तर पर ऐसे प्रतिनिधियों का चयन किया जाए जो नशा मुक्त समाज के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प रखें।
इस अभियान का असर पंचायत चुनाव के माहौल पर भी साफ नजर आ रहा है। अब मतदाता केवल सड़क, पानी और बिजली जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो सामाजिक सुधार और नशा मुक्ति के लिए गंभीर हों। कई जगह पर युवाओं ने उम्मीदवारों के सामने नशा विरोधी शपथ लेने की मांग भी रखी है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले चुनावों में जाति और व्यक्तिगत संबंध ज्यादा मायने रखते थे लेकिन अब नई पीढ़ी मुद्दों के आधार पर फैसला लेने लगी है। इससे साफ है कि आने वाले समय में पंचायतों की तस्वीर बदल सकती है।
..............
नशे के खिलाफ अभियान केवल समाज को नई दिशा दिखाने के लिए आवश्यक है। समाज से नशे जैसी बुराई को हटाने के लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
-योगेश शोकू, गगरेट
...................
पंचायत स्तर पर नशे के विरुद्ध अभियान चलाने से इस अभियान को बल मिलेगा। यदि पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार नशे के खिलाफ लामबंद हो जाएं तो नशे को खत्म किया जा सकता है।
-कमल हीर गगरेट
Trending Videos
इस अभियान का असर पंचायत चुनाव के माहौल पर भी साफ नजर आ रहा है। अब मतदाता केवल सड़क, पानी और बिजली जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो सामाजिक सुधार और नशा मुक्ति के लिए गंभीर हों। कई जगह पर युवाओं ने उम्मीदवारों के सामने नशा विरोधी शपथ लेने की मांग भी रखी है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले चुनावों में जाति और व्यक्तिगत संबंध ज्यादा मायने रखते थे लेकिन अब नई पीढ़ी मुद्दों के आधार पर फैसला लेने लगी है। इससे साफ है कि आने वाले समय में पंचायतों की तस्वीर बदल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
..............
नशे के खिलाफ अभियान केवल समाज को नई दिशा दिखाने के लिए आवश्यक है। समाज से नशे जैसी बुराई को हटाने के लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
-योगेश शोकू, गगरेट
...................
पंचायत स्तर पर नशे के विरुद्ध अभियान चलाने से इस अभियान को बल मिलेगा। यदि पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार नशे के खिलाफ लामबंद हो जाएं तो नशे को खत्म किया जा सकता है।
-कमल हीर गगरेट