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खैर के अवैध कटान का मामला : जेसीबी मशीन से उखाड़ी जड़ें
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ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज
21 ताजे ठूंठ, 51 लकड़ी के लॉग और भारी मात्रा में जलाऊ लकड़ी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। वन विभाग ने अंब क्षेत्र के प्रंब और लोहारा में खैर के पेड़ों के अवैध कटान और वन संपदा की चोरी के मामले में अंब थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक स्थानीय ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब शुक्रवार को जांच के लिए मौके पर पहुंचे वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने पाया कि अवैध कटान वाली जगह पर जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ों की जड़ों को उखाड़ा जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई संभवतः अवैध कटान के सबूत मिटाने के उद्देश्य से की जा रही थी। वन विभाग की संयुक्त टीम ने इससे पहले रेंजर अंब राहुल ठाकुर के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर लेबर शेड से जम्मू-कश्मीर निवासी एक मजदूर को पकड़ा था। पूछताछ में मजदूर ने स्वीकार किया कि स्थानीय ठेकेदार ने उसे और दस अन्य मजदूरों को खैर के पेड़ काटने के निर्देश दिए थे। मौके से विभाग ने 21 ताजे ठूंठ, 51 लकड़ी के लॉग और भारी मात्रा में जलाऊ लकड़ी बरामद की है। अधिकारियों का मानना है कि बरामद लकड़ी और कटे पेड़ों की संख्या में भारी अंतर होने के कारण बड़ी मात्रा में लकड़ी पहले ही तस्करी की जा चुकी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंब और प्रंब क्षेत्र में कोई भी दस-वर्षीय कटान कार्यक्रम स्वीकृत नहीं है। इस प्रकार पंजीकृत ठेकेदार द्वारा किया गया यह कार्य पूरी तरह अवैध है और लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करता है। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2), भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26, 41 और 42, लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट और हिमाचल प्रदेश वन उपज व्यापार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसपी ऊना अमित यादव ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि चोरी की गई शेष वन संपदा को बरामद किया जा सके।
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21 ताजे ठूंठ, 51 लकड़ी के लॉग और भारी मात्रा में जलाऊ लकड़ी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। वन विभाग ने अंब क्षेत्र के प्रंब और लोहारा में खैर के पेड़ों के अवैध कटान और वन संपदा की चोरी के मामले में अंब थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक स्थानीय ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब शुक्रवार को जांच के लिए मौके पर पहुंचे वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने पाया कि अवैध कटान वाली जगह पर जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ों की जड़ों को उखाड़ा जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई संभवतः अवैध कटान के सबूत मिटाने के उद्देश्य से की जा रही थी। वन विभाग की संयुक्त टीम ने इससे पहले रेंजर अंब राहुल ठाकुर के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर लेबर शेड से जम्मू-कश्मीर निवासी एक मजदूर को पकड़ा था। पूछताछ में मजदूर ने स्वीकार किया कि स्थानीय ठेकेदार ने उसे और दस अन्य मजदूरों को खैर के पेड़ काटने के निर्देश दिए थे। मौके से विभाग ने 21 ताजे ठूंठ, 51 लकड़ी के लॉग और भारी मात्रा में जलाऊ लकड़ी बरामद की है। अधिकारियों का मानना है कि बरामद लकड़ी और कटे पेड़ों की संख्या में भारी अंतर होने के कारण बड़ी मात्रा में लकड़ी पहले ही तस्करी की जा चुकी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंब और प्रंब क्षेत्र में कोई भी दस-वर्षीय कटान कार्यक्रम स्वीकृत नहीं है। इस प्रकार पंजीकृत ठेकेदार द्वारा किया गया यह कार्य पूरी तरह अवैध है और लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करता है। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2), भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26, 41 और 42, लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट और हिमाचल प्रदेश वन उपज व्यापार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसपी ऊना अमित यादव ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि चोरी की गई शेष वन संपदा को बरामद किया जा सके।
