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Una News: स्कूलों में बजट राशि खर्च पर शिक्षा विभाग सख्त, मांगी रिपोर्ट
Tue, 04 Aug 2026 07:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 04 Aug 2026 07:55 AM IST
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ऊना। सरकारी स्कूलों में बजट खर्च को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। उपनिदेशक उच्च शिक्षा ऊना ने जिले के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बजट राशि का उपयोग केवल निर्धारित चार्ज्ड और वोटेड हेड ऑफ अकाउंट के तहत ही किया जाए।
किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) एवं संस्थान अध्यक्ष स्वयं जिम्मेदार होंगे।
शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें चार्ज्ड व्यय की राशि वोटेड हेड से और वोटेड व्यय की राशि चार्ज्ड हेड से आहरित की गई है। यह वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
निर्देशों के अनुसार सभी संस्थानाध्यक्ष बिल तैयार करने और प्रस्तुत करने से पहले संबंधित हेड ऑफ अकाउंट का सावधानीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करें। चार्ज्ड मद के लिए उपलब्ध बजट का उपयोग केवल चार्ज्ड व्यय तथा वोटेड मद के बजट का उपयोग केवल वोटेड व्यय पर ही किया जाए।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने सभी स्कूलों को अपने अभिलेखों की गहन जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। यदि किसी संस्थान में गलत हेड ऑफ अकाउंट के तहत खर्च किया गया है तो उसका पूरा विवरण, कारण और औचित्य सहित इस पत्र के जारी होने की तिथि से दो दिनों के भीतर कार्यालय में उपलब्ध करवाना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन निर्देशों की अवहेलना को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित डीडीओ एवं संस्थान अध्यक्ष की होगी।
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किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) एवं संस्थान अध्यक्ष स्वयं जिम्मेदार होंगे।
शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें चार्ज्ड व्यय की राशि वोटेड हेड से और वोटेड व्यय की राशि चार्ज्ड हेड से आहरित की गई है। यह वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
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निर्देशों के अनुसार सभी संस्थानाध्यक्ष बिल तैयार करने और प्रस्तुत करने से पहले संबंधित हेड ऑफ अकाउंट का सावधानीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करें। चार्ज्ड मद के लिए उपलब्ध बजट का उपयोग केवल चार्ज्ड व्यय तथा वोटेड मद के बजट का उपयोग केवल वोटेड व्यय पर ही किया जाए।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने सभी स्कूलों को अपने अभिलेखों की गहन जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। यदि किसी संस्थान में गलत हेड ऑफ अकाउंट के तहत खर्च किया गया है तो उसका पूरा विवरण, कारण और औचित्य सहित इस पत्र के जारी होने की तिथि से दो दिनों के भीतर कार्यालय में उपलब्ध करवाना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन निर्देशों की अवहेलना को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित डीडीओ एवं संस्थान अध्यक्ष की होगी।