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Una News: 'माय भारत' लीडरशिप बूटकैम्प संपन्न, ऊना के 35 युवाओं ने सीखे नेतृत्व और टीमवर्क के गुर
Ankesh Dogra
Updated Tue, 04 Aug 2026 02:45 PM IST
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ऊना के कृषि विज्ञान केंद्र में 2 से 4 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय 'माय भारत' लीडरशिप बूटकैम्प का सोमवार को समापन हो गया। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और 'माय भारत' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिले के विभिन्न ब्लॉकों और उपमंडलों से चयनित 35 एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, टीमवर्क को बढ़ावा देना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना था।
समापन समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) इशांत जसवाल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। इस अवसर पर 'माय भारत' के जिला अधिकारी प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे।
एडीसी इशांत जसवाल ने बताया कि बूटकैम्प के दौरान जिला रोजगार कार्यालय, जिला स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में युवाओं को स्वरोजगार के अवसर, स्वास्थ्य जागरूकता, राजनीतिक जागरूकता, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक दायित्वों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इससे प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं और भविष्य के अवसरों की भी जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि इस शिविर की सबसे खास बात यह रही कि इसके संचालन की जिम्मेदारी स्वयं युवाओं ने संभाली। प्रतिभागियों ने मंच संचालन, समूह नेतृत्व, विभिन्न गतिविधियों के आयोजन और टीम प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, संवाद कौशल और निर्णय लेने का आत्मविश्वास विकसित हुआ।
एडीसी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं होते, बल्कि युवाओं को व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और 'माय भारत' के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता निखारने का अवसर मिल सके। समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों से उनके अनुभव भी साझा किए गए और सुझावों के आधार पर भविष्य के शिविरों को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही गई।
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