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Una News: जिला मुख्यालय के लिए पेयजल-सीवरेज योजना की कवायद शुरू
Tue, 07 Jul 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:46 AM IST
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ऊना। जिला मुख्यालय ऊना में बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए पेयजल आपूर्ति एवं सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है। निगम ने आने वाले 15 से 20 सालों को ध्यान में रखकर शहर के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इसके के लिए निजी कंसल्टेंसी कंपनी की सेवाएं ली जाएंगी, जो शहर का विस्तृत सर्वेक्षण कर पेयजल और सीवरेज व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी।
कंसल्टेंसी एजेंसी की नियुक्ति और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार से करीब 40 लाख रुपये की मांग की है। राशि स्वीकृत होने के बाद कंसल्टेंसी कंपनी का चयन किया जाएगा जो तकनीकी सर्वेक्षण कर आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार करेगी। बता दें कि ऊना शहर का लगातार विस्तार हो रहा है। नई आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी संस्थान विकसित होने से पेयजल की मांग और सीवरेज व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान ढांचा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में विभाग दीर्घकालिक योजना तैयार कर जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क को व्यवस्थित एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। सर्वेक्षण के दौरान शहर की मौजूदा पेयजल पाइपलाइन, जल स्रोत, भंडारण क्षमता, वितरण व्यवस्था, सीवरेज नेटवर्क, भविष्य की आबादी, नए विकसित हो रहे क्षेत्रों और संभावित विस्तार का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर यह तय होगा कि आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में नई पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंपिंग स्टेशन, सीवरेज लाइन और अन्य आधारभूत ढांचे की आवश्यकता होगी।
भविष्य को ध्यान में रखकर नगर निगम के विस्तार को लेकर योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए कंसल्टेंसी एजेंसी को कार्य सौंपा जाएगा। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ही आगामी रूपरेखा पर काम होगा। इसके लिए करीब 40 लाख रुपये के बजट की मांग सरकार से की गई है।
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-पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना
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कंसल्टेंसी एजेंसी की नियुक्ति और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार से करीब 40 लाख रुपये की मांग की है। राशि स्वीकृत होने के बाद कंसल्टेंसी कंपनी का चयन किया जाएगा जो तकनीकी सर्वेक्षण कर आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार करेगी। बता दें कि ऊना शहर का लगातार विस्तार हो रहा है। नई आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी संस्थान विकसित होने से पेयजल की मांग और सीवरेज व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान ढांचा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में विभाग दीर्घकालिक योजना तैयार कर जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क को व्यवस्थित एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। सर्वेक्षण के दौरान शहर की मौजूदा पेयजल पाइपलाइन, जल स्रोत, भंडारण क्षमता, वितरण व्यवस्था, सीवरेज नेटवर्क, भविष्य की आबादी, नए विकसित हो रहे क्षेत्रों और संभावित विस्तार का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर यह तय होगा कि आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में नई पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंपिंग स्टेशन, सीवरेज लाइन और अन्य आधारभूत ढांचे की आवश्यकता होगी।
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भविष्य को ध्यान में रखकर नगर निगम के विस्तार को लेकर योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए कंसल्टेंसी एजेंसी को कार्य सौंपा जाएगा। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ही आगामी रूपरेखा पर काम होगा। इसके लिए करीब 40 लाख रुपये के बजट की मांग सरकार से की गई है।
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-पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना