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Una News: अंतिम क्षणों में टला चुनाव, कांग्रेस को मिला समीकरण साधने का समय
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 16 Jun 2026 07:56 AM IST
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गगरेट (ऊना )। नगर पंचायत गगरेट के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव में अंतिम समय पर आए प्रशासनिक पेंच ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। सोमवार को दूसरी बार निर्धारित चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले चुनाव स्थगित कर दिया गया। ऐसे में अब कांग्रेस को अपने पक्ष में माहौल बनाने और राजनीतिक जोड़तोड़ के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
दिलचस्प बात यह है कि नगर पंचायत के सात निर्वाचित पार्षदों में से छह पार्षदों को भाजपा विचारधारा का माना जा रहा है। इसके बावजूद भाजपा अब तक अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित करवाने में सफल नहीं हो पाई है। सोमवार को निर्धारित समय पर एक धड़े के चार पार्षद चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पहुंच भी गए थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि वार्ड नंबर चार से पार्षद बबीता कुमारी को अध्यक्ष तथा वार्ड नंबर एक से पार्षद विकास कालिया को उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय माना जा रहा था।
इसी बीच चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से कुछ समय पहले एडवोकेट जनरल कार्यालय से फोन के माध्यम से चुनाव अधिकारी को उच्चतम न्यायालय के एक फैसले की जानकारी दी गई। इस फैसले के अनुसार संबंधित क्षेत्र के विधायक को भी नगर निकाय के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त है। हालांकि उस समय तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में चुनाव अधिकारी ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने का निर्णय लिया।
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सूत्रों के अनुसार अब इस पूरे मामले में शहरी विकास विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही चुनाव की नई तिथि घोषित की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव स्थगित होने से कांग्रेस को अपने पक्ष में समीकरण मजबूत करने और जोर आजमाइश के लिए कुछ और समय मिल गया है जबकि भाजपा के लिए संख्या बल के बावजूद स्थिति उतनी आसान नहीं रह गई है।
उधर चुनाव अधिकारी एवं एसडीएम सोमिल गौतम ने बताया कि विधायक के मतदान अधिकार को लेकर शहरी विकास विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग से जवाब प्राप्त होने के बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव की नई तिथि निर्धारित की जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि नगर पंचायत के सात निर्वाचित पार्षदों में से छह पार्षदों को भाजपा विचारधारा का माना जा रहा है। इसके बावजूद भाजपा अब तक अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित करवाने में सफल नहीं हो पाई है। सोमवार को निर्धारित समय पर एक धड़े के चार पार्षद चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पहुंच भी गए थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि वार्ड नंबर चार से पार्षद बबीता कुमारी को अध्यक्ष तथा वार्ड नंबर एक से पार्षद विकास कालिया को उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय माना जा रहा था।
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इसी बीच चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से कुछ समय पहले एडवोकेट जनरल कार्यालय से फोन के माध्यम से चुनाव अधिकारी को उच्चतम न्यायालय के एक फैसले की जानकारी दी गई। इस फैसले के अनुसार संबंधित क्षेत्र के विधायक को भी नगर निकाय के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त है। हालांकि उस समय तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में चुनाव अधिकारी ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने का निर्णय लिया।
सूत्रों के अनुसार अब इस पूरे मामले में शहरी विकास विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही चुनाव की नई तिथि घोषित की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव स्थगित होने से कांग्रेस को अपने पक्ष में समीकरण मजबूत करने और जोर आजमाइश के लिए कुछ और समय मिल गया है जबकि भाजपा के लिए संख्या बल के बावजूद स्थिति उतनी आसान नहीं रह गई है।
उधर चुनाव अधिकारी एवं एसडीएम सोमिल गौतम ने बताया कि विधायक के मतदान अधिकार को लेकर शहरी विकास विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग से जवाब प्राप्त होने के बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव की नई तिथि निर्धारित की जाएगी।