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Una News: स्वास्थ्य विभाग करेगा प्रवासी लोगों की टीबी स्क्रीनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:05 AM IST
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ऊना। टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब प्रवासी मजदूरों और बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया है। अभियान के तहत संभावित मरीजों की मौके पर ही पहचान कर उनके एक्सरे और अन्य जांच की जाएगी। इस संबंध में विभाग ने सभी स्वास्थ्य खंडों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिले के औद्योगिक क्षेत्रों, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों और ऐसे स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है। टीमें घर-घर और कार्यस्थलों पर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण जैसे लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना या अचानक वजन कम होना पाए जाते हैं तो उसे तुरंत जांच के दायरे में लाया जाएगा। अभियान की खास बात यह है कि संदिग्ध मरीजों को अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि विभाग द्वारा मौके पर ही मोबाइल एक्सरे वैन के माध्यम से उनके चेस्ट एक्सरे किए जाएंगे। इसके अलावा बलगम के सैंपल भी मौके पर ही एकत्रित कर प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे।
विभाग ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आशा वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य फील्ड स्टाफ की टीमों का गठन कर नियमित रूप से स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। जिले के ऊना, टाहलीवाल, अंब, गगरेट व मैहतपुर क्षेत्र में प्रवासी मजदूर अधिक संख्या में रहते हैं। ऐसे में सही खानपान की उचित व्यवस्था न होने के चलते इन लोगों में टीबी होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सहयाेग करें।
टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले में प्रवासी लोगों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इस अभियान को शुरू किया जाएगा।
-डॉ विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना
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जिले के औद्योगिक क्षेत्रों, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों और ऐसे स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है। टीमें घर-घर और कार्यस्थलों पर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण जैसे लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना या अचानक वजन कम होना पाए जाते हैं तो उसे तुरंत जांच के दायरे में लाया जाएगा। अभियान की खास बात यह है कि संदिग्ध मरीजों को अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि विभाग द्वारा मौके पर ही मोबाइल एक्सरे वैन के माध्यम से उनके चेस्ट एक्सरे किए जाएंगे। इसके अलावा बलगम के सैंपल भी मौके पर ही एकत्रित कर प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे।
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विभाग ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आशा वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य फील्ड स्टाफ की टीमों का गठन कर नियमित रूप से स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। जिले के ऊना, टाहलीवाल, अंब, गगरेट व मैहतपुर क्षेत्र में प्रवासी मजदूर अधिक संख्या में रहते हैं। ऐसे में सही खानपान की उचित व्यवस्था न होने के चलते इन लोगों में टीबी होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सहयाेग करें।
टीबी मुक्त अभियान के तहत जिले में प्रवासी लोगों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इस अभियान को शुरू किया जाएगा।
-डॉ विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना