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Una News: एचआरटीसी की हरोली-एम्स-शिमला बस ने घाटे से मुनाफे की राह पकड़ी
Wed, 15 Jul 2026 07:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 15 Jul 2026 07:42 AM IST
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ऊना। कभी घाटे का सौदा मानी जाने वाली एचआरटीसी की हरोली-एम्स बिलासपुर-शिमला बस अब निगम के लिए कमाई का मजबूत जरिया बन गई है। महज समयसारिणी में बदलाव ने इस रूट की तस्वीर बदल दी है। पहले जहां यह बस रोजाना मुश्किल से आठ हजार रुपये तक की आमदनी जुटा पाती थी, वहीं अब प्रतिदिन औसतन 11 हजार 500 रुपये निगम के खाते में जमा करवा रही है।
जिला ऊना के लोगों का एम्स बिलासपुर आने जाने के लिए एचआरटीसी ऊना डिपो की हरोली-एम्स बिलासपुर-शिमला रूट पर बसे सेवा शुरू की थी लेकिन इस रूट पर बस चलाने का समय सही न होने के कारण एम्स जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में एम्स जाने वाले यात्री सुबह ही ऊना से किरतपुर तक जाते और वहां से अन्य राज्यों की बसों में यात्रा कर एम्स पहुुंचते। इससे एचआरटीसी की हरोली-एम्स- शिमला रूट पर चलने वाली निगम बस शुरू होने के बाद से घाटे में चल रही थी। निगम के अधिकारी के मुताबिक पुरानी समयसारिणी के दौरान इस बस से प्रति किलोमीटर करीब 24 रुपये की आय हो रही थी।
निगम ने इस रूट पर घाटे में चल रही बस की समयसारिणी में बदलाव कर हरोली से शाम 3:30 बजे के बजाय सुबह 7:50 बजे शुरू की। जिससे एम्स जाने वाले यात्री इस सफर कर सुबह 10 बजे पहुंच रहे हैं और शाम को उपचार करवा कर इसी बस में ऊना लौट रहे हैं। इसके बाद से आमदनी प्रति किलोमीटर 34 रुपये के करीब पहुंच गई है। समयसारिणी में किए गए बदलाव का असर निगम की रोजाना की आमदनी पर दिखा। जो रूट पहले घाटे में चल रहा था वह वर्तमान में इसी रूट से रोजाना औसतन 11 हजार 500 रुपये निगम के खाते में जमा हो रहा है।
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यात्रियों की मांग और यात्रा पैटर्न को ध्यान में रखकर समयसारिणी में बदलाव किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी डिपो ऊना
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जिला ऊना के लोगों का एम्स बिलासपुर आने जाने के लिए एचआरटीसी ऊना डिपो की हरोली-एम्स बिलासपुर-शिमला रूट पर बसे सेवा शुरू की थी लेकिन इस रूट पर बस चलाने का समय सही न होने के कारण एम्स जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में एम्स जाने वाले यात्री सुबह ही ऊना से किरतपुर तक जाते और वहां से अन्य राज्यों की बसों में यात्रा कर एम्स पहुुंचते। इससे एचआरटीसी की हरोली-एम्स- शिमला रूट पर चलने वाली निगम बस शुरू होने के बाद से घाटे में चल रही थी। निगम के अधिकारी के मुताबिक पुरानी समयसारिणी के दौरान इस बस से प्रति किलोमीटर करीब 24 रुपये की आय हो रही थी।
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निगम ने इस रूट पर घाटे में चल रही बस की समयसारिणी में बदलाव कर हरोली से शाम 3:30 बजे के बजाय सुबह 7:50 बजे शुरू की। जिससे एम्स जाने वाले यात्री इस सफर कर सुबह 10 बजे पहुंच रहे हैं और शाम को उपचार करवा कर इसी बस में ऊना लौट रहे हैं। इसके बाद से आमदनी प्रति किलोमीटर 34 रुपये के करीब पहुंच गई है। समयसारिणी में किए गए बदलाव का असर निगम की रोजाना की आमदनी पर दिखा। जो रूट पहले घाटे में चल रहा था वह वर्तमान में इसी रूट से रोजाना औसतन 11 हजार 500 रुपये निगम के खाते में जमा हो रहा है।
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यात्रियों की मांग और यात्रा पैटर्न को ध्यान में रखकर समयसारिणी में बदलाव किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी डिपो ऊना