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Una News: 14 वर्षों से निशुल्क ज्ञान की लौ जगा रहीं मीना कुमारी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:24 AM IST
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विद्यार्थियों के साथ मीना कुमारी। संवाद
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स्कूलों में अध्यापकों की कमी को देखते हुए उठाया बीड़ा
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। यदि किसी व्यक्ति के मन में अपने कार्य के प्रति लगन और प्रेम हो तो सफलता स्वयं उसके कदम चूमती है। ऐसा ही उदाहरण ग्राम ईसपुर की रहने वाली कला अध्यापिका मीना कुमारी पेश कर रही हैं, जो वर्ष 2012 से लगातार बिना किसी लोभ-लालच के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं। मीना कुमारी 14 वर्षों से विद्यार्थियों को न केवल अपने विषय ड्राइंग (कला) की शिक्षा दे रही हैं, बल्कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी को देखते हुए सामाजिक विज्ञान और हिंदी जैसे विषय भी पढ़ा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मीना कुमारी बताती हैं कि वर्ष 2012 में उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में एक वर्ष तक बच्चों को निशुल्क पढ़ाया। इसके बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंडोगा में कला अध्यापक का पद रिक्त होने पर वहां के तत्कालीन प्रधानाचार्य के आग्रह पर उन्होंने अपनी सेवाएं देनी शुरू कीं। वर्ष 2013 से 2022 तक उन्होंने बिना किसी अवकाश के नियमित रूप से स्कूल में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2022 में पंडोगा स्कूल में नियमित कला अध्यापक की नियुक्ति होने के बाद मीना कुमारी फिर से राजकीय माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में बच्चों को पढ़ा रही हैं, क्योंकि वहां अभी भी कला अध्यापक का पद रिक्त है। वे कला के साथ उन विषयों की भी कक्षाएं लेती हैं, जिनके शिक्षक अवकाश पर होते हैं।
वहीं,ईसपुर स्कूल के मुख्य अध्यापक ने बताया कि मीना कुमारी का विद्यालय को भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे विद्यार्थियों को काफी लाभ हो रहा है। कहा कि वह एक मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ अध्यापिका हैं।
ग्राम पंचायत ईसपुर की प्रधान बख्शो देवी ने कहा कि मीना कुमारी पिछले 14 वर्षों से अपने घरेलू कार्यों के साथ बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रही हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।
मीना कुमारी का कहना है कि वह किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपने शौक और पढ़ाई के प्रति प्रेम के कारण यह कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि उनके इस प्रयास से बच्चों का भविष्य संवरता है तो वह अपनी सेहत ठीक रहने तक अंतिम समय तक बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती रहेंगी।
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सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। यदि किसी व्यक्ति के मन में अपने कार्य के प्रति लगन और प्रेम हो तो सफलता स्वयं उसके कदम चूमती है। ऐसा ही उदाहरण ग्राम ईसपुर की रहने वाली कला अध्यापिका मीना कुमारी पेश कर रही हैं, जो वर्ष 2012 से लगातार बिना किसी लोभ-लालच के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं। मीना कुमारी 14 वर्षों से विद्यार्थियों को न केवल अपने विषय ड्राइंग (कला) की शिक्षा दे रही हैं, बल्कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी को देखते हुए सामाजिक विज्ञान और हिंदी जैसे विषय भी पढ़ा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मीना कुमारी बताती हैं कि वर्ष 2012 में उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में एक वर्ष तक बच्चों को निशुल्क पढ़ाया। इसके बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंडोगा में कला अध्यापक का पद रिक्त होने पर वहां के तत्कालीन प्रधानाचार्य के आग्रह पर उन्होंने अपनी सेवाएं देनी शुरू कीं। वर्ष 2013 से 2022 तक उन्होंने बिना किसी अवकाश के नियमित रूप से स्कूल में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2022 में पंडोगा स्कूल में नियमित कला अध्यापक की नियुक्ति होने के बाद मीना कुमारी फिर से राजकीय माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में बच्चों को पढ़ा रही हैं, क्योंकि वहां अभी भी कला अध्यापक का पद रिक्त है। वे कला के साथ उन विषयों की भी कक्षाएं लेती हैं, जिनके शिक्षक अवकाश पर होते हैं।
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वहीं,ईसपुर स्कूल के मुख्य अध्यापक ने बताया कि मीना कुमारी का विद्यालय को भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे विद्यार्थियों को काफी लाभ हो रहा है। कहा कि वह एक मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ अध्यापिका हैं।
ग्राम पंचायत ईसपुर की प्रधान बख्शो देवी ने कहा कि मीना कुमारी पिछले 14 वर्षों से अपने घरेलू कार्यों के साथ बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रही हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।
मीना कुमारी का कहना है कि वह किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपने शौक और पढ़ाई के प्रति प्रेम के कारण यह कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि उनके इस प्रयास से बच्चों का भविष्य संवरता है तो वह अपनी सेहत ठीक रहने तक अंतिम समय तक बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती रहेंगी।