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विधायक और सांसद कमजोर वर्गों को नहीं दिलवा पाए अधिकार : बलवीर
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20 फरवरी को जिला मुख्यालय पर होगी अधिकार यात्रा
छह साल में प्रदेश सरकार 3840 में से एक भी पक्का नर्सरी शिक्षक नहीं कर पाई तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति की बैठक इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में गांव ढकियां पंजावर में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिमाचल प्रदेश के वर्तमान विधायक और सांसद कमजोर वर्गों को उनके अधिकार नहीं दिला पाए हैं। समिति ने कहा कि समान शिक्षा और रोजगार के समान अवसर न मिलने पर 68 विधायकों और 4 सांसदों का विरोध किया जाएगा। 20 फरवरी को जिला मुख्यालय पर अधिकार यात्रा निकाली जाएगी। ओबीसी वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए 93 वां संविधान संशोधन लागू करना आवश्यक है, अन्यथा योग्य बच्चे भी डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिला नहीं ले पा रहे। समिति ने आरोप लगाया कि पिछले छह साल में प्रदेश सरकार ने 3840 में से एक भी पक्का नर्सरी शिक्षक तैनात नहीं किया, जिससे गरीब बच्चों के तीन साल बर्बाद हो रहे हैं। इसके चलते समिति ने जनकौर, अबादा वराना और लालसिंगी के प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी शिक्षक उपलब्ध करवा दिए हैं, जिससे हर गरीब परिवार को सालाना 50,000 रुपये की बचत होगी। इसके अलावा समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मल्टी टास्क वर्कर और वनमित्र की भर्ती बिना कमिशन, बिना रोजगार कार्यालय और बिना रोस्टर कर दी, जिससे 50% गरीब आबादी को रोजगार के समान अवसर नहीं मिल पाए। समिति 20 फरवरी को जिला मुख्यालय पर अधिकार यात्रा निकालकर जनता के समान शिक्षा और रोजगार के अधिकार के लिए आंदोलन करेगी।
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छह साल में प्रदेश सरकार 3840 में से एक भी पक्का नर्सरी शिक्षक नहीं कर पाई तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति की बैठक इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में गांव ढकियां पंजावर में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिमाचल प्रदेश के वर्तमान विधायक और सांसद कमजोर वर्गों को उनके अधिकार नहीं दिला पाए हैं। समिति ने कहा कि समान शिक्षा और रोजगार के समान अवसर न मिलने पर 68 विधायकों और 4 सांसदों का विरोध किया जाएगा। 20 फरवरी को जिला मुख्यालय पर अधिकार यात्रा निकाली जाएगी। ओबीसी वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए 93 वां संविधान संशोधन लागू करना आवश्यक है, अन्यथा योग्य बच्चे भी डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिला नहीं ले पा रहे। समिति ने आरोप लगाया कि पिछले छह साल में प्रदेश सरकार ने 3840 में से एक भी पक्का नर्सरी शिक्षक तैनात नहीं किया, जिससे गरीब बच्चों के तीन साल बर्बाद हो रहे हैं। इसके चलते समिति ने जनकौर, अबादा वराना और लालसिंगी के प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी शिक्षक उपलब्ध करवा दिए हैं, जिससे हर गरीब परिवार को सालाना 50,000 रुपये की बचत होगी। इसके अलावा समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मल्टी टास्क वर्कर और वनमित्र की भर्ती बिना कमिशन, बिना रोजगार कार्यालय और बिना रोस्टर कर दी, जिससे 50% गरीब आबादी को रोजगार के समान अवसर नहीं मिल पाए। समिति 20 फरवरी को जिला मुख्यालय पर अधिकार यात्रा निकालकर जनता के समान शिक्षा और रोजगार के अधिकार के लिए आंदोलन करेगी।