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Una News: उपमुख्यमंत्री को सौंपी एससी और एसटी अत्याचार की रिपोर्ट
Mon, 10 Aug 2026 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:52 AM IST
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ऊना। राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के राज्य महासचिव राज महे ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से उनके निवास स्थान गोंदपुर में मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री को प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के खिलाफ घटित अपराधों, पुलिस जांच व न्यायिक प्रक्रियाओं पर आधारित पांच वर्षीय हिमाचल प्रदेश एससी/एसटी अत्याचार रिपोर्ट फैक्ट शीट पुस्तक आधिकारिक तौर पर सौंपी। उन्होंने प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचारों व कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।
इसके साथ ही यह फैक्ट शीट पुस्तक ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती को भी भेंट की गई। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री का ध्यान विभिन्न आंकड़ों की ओर आकर्षित किया।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से 2023 के दौरान प्रदेश में अनुसूचित जाति के खिलाफ दर्ज अपराधों में 21.2% की वृद्धि हुई है, एससी महिलाओं के प्रति अभद्रता व हमले के मामलों में 800% का भारी उछाल आया है, जातिगत अपमान में 84.1% और भूमि बेदखली के मामलों में 212.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साथ ही पुलिस द्वारा 60 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की दर 72.1% से घटकर 61% रह जाने और अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या 750 तक पहुंचने पर चिंता जताई। राज्य महासचिव राज महे ने मांग की है कि एससी/ एसटी नियमावली के नियम 7(2) के तहत समयबद्ध जांच पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल की जाए, निगरानी समितियों (एसवीएमसी/डीवीएमसी) की नियमित बैठकें आयोजित हों।
त्वरित न्याय के लिए विशेष अदालतें व समर्पित लोक अभियोजक नियुक्त किए जाएं तथा पीड़ितों को त्वरित राहत व पुनर्वास प्रदान कर अत्याचार- संभावित क्षेत्रों में कड़े निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।
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इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री को प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के खिलाफ घटित अपराधों, पुलिस जांच व न्यायिक प्रक्रियाओं पर आधारित पांच वर्षीय हिमाचल प्रदेश एससी/एसटी अत्याचार रिपोर्ट फैक्ट शीट पुस्तक आधिकारिक तौर पर सौंपी। उन्होंने प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचारों व कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।
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इसके साथ ही यह फैक्ट शीट पुस्तक ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती को भी भेंट की गई। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री का ध्यान विभिन्न आंकड़ों की ओर आकर्षित किया।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से 2023 के दौरान प्रदेश में अनुसूचित जाति के खिलाफ दर्ज अपराधों में 21.2% की वृद्धि हुई है, एससी महिलाओं के प्रति अभद्रता व हमले के मामलों में 800% का भारी उछाल आया है, जातिगत अपमान में 84.1% और भूमि बेदखली के मामलों में 212.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साथ ही पुलिस द्वारा 60 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की दर 72.1% से घटकर 61% रह जाने और अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या 750 तक पहुंचने पर चिंता जताई। राज्य महासचिव राज महे ने मांग की है कि एससी/ एसटी नियमावली के नियम 7(2) के तहत समयबद्ध जांच पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल की जाए, निगरानी समितियों (एसवीएमसी/डीवीएमसी) की नियमित बैठकें आयोजित हों।
त्वरित न्याय के लिए विशेष अदालतें व समर्पित लोक अभियोजक नियुक्त किए जाएं तथा पीड़ितों को त्वरित राहत व पुनर्वास प्रदान कर अत्याचार- संभावित क्षेत्रों में कड़े निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।