{"_id":"6a6750759fb87132bf0833e0","slug":"sushma-devi-becomes-chairperson-of-panchayat-samiti-bangana-vikas-becomes-vice-chairperson-una-news-c-93-1-una1026-200188-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: सुषमा देवी बनीं पंचायत समिति बंगाणा की अध्यक्ष, विकास बने उपाध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: सुषमा देवी बनीं पंचायत समिति बंगाणा की अध्यक्ष, विकास बने उपाध्यक्ष
Tue, 28 Jul 2026 07:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगाणा (ऊना)। पंचायत समिति बंगाणा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने दोनों प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर अपना कब्जा बरकरार रखा। हालांकि चुनाव परिणामों ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को भी खुलकर सामने ला दिया। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला भाजपा समर्थित दो उम्मीदवारों के बीच ही हुआ, जिसमें सुषमा देवी ने 19 में से 13 मत प्राप्त कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की जबकि स्वर्ण देवी को 6 मत मिले। उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी विकास ने 12 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मोहित को 7 मत मिले। इस तरह पंचायत समिति बंगाणा के दोनों प्रमुख पद भाजपा के खाते में गए और पार्टी ने पंचायत समिति पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।
चुनाव में अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित दो उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई। वहीं उपाध्यक्ष पद के मतदान में भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को 12 मत ही मिल पाए, जिससे संकेत मिला कि सभी भाजपा समर्थक सदस्य एकजुट होकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में नहीं रहे। चुनाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि भाजपा नेता देवेंद्र भुट्टो लगातार पंचायत समिति में 14 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहे थे लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में सुषमा देवी को 13 मत ही मिले, इससे स्पष्ट हुआ कि भाजपा के एक सदस्य ने अधिकृत रणनीति से अलग जाकर स्वयं चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद उजागर हो गए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने दोनों पदों पर जीत दर्ज कर संगठनात्मक बढ़त तो बनाए रखी है लेकिन मतदान के दौरान सामने आए समीकरण भविष्य में पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकते हैं। वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मोहित को उपाध्यक्ष पद के चुनाव में 7 मत मिलना यह दर्शाता है कि विपक्ष भी पंचायत समिति में प्रभावी उपस्थिति बनाए हुए है।
विज्ञापन
चुनाव में अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित दो उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई। वहीं उपाध्यक्ष पद के मतदान में भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को 12 मत ही मिल पाए, जिससे संकेत मिला कि सभी भाजपा समर्थक सदस्य एकजुट होकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में नहीं रहे। चुनाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि भाजपा नेता देवेंद्र भुट्टो लगातार पंचायत समिति में 14 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहे थे लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में सुषमा देवी को 13 मत ही मिले, इससे स्पष्ट हुआ कि भाजपा के एक सदस्य ने अधिकृत रणनीति से अलग जाकर स्वयं चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद उजागर हो गए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने दोनों पदों पर जीत दर्ज कर संगठनात्मक बढ़त तो बनाए रखी है लेकिन मतदान के दौरान सामने आए समीकरण भविष्य में पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकते हैं। वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मोहित को उपाध्यक्ष पद के चुनाव में 7 मत मिलना यह दर्शाता है कि विपक्ष भी पंचायत समिति में प्रभावी उपस्थिति बनाए हुए है।
विज्ञापन