{"_id":"69c41c78f2e9ea16a50056c6","slug":"tahliwals-fire-substation-built-at-a-cost-of-rs-4-crore-is-thirsty-una-news-c-93-1-una1002-185981-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: चार करोड़ रुपये से बना टाहलीवाल का अग्निशमन सब स्टेशन प्यासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: चार करोड़ रुपये से बना टाहलीवाल का अग्निशमन सब स्टेशन प्यासा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 26 Mar 2026 06:02 AM IST
विज्ञापन
टाहलीवाल का अग्निशमन विभाग भवन।संवाद
विज्ञापन
टाहलीवाल (ऊना)। हरोली विधानसभा क्षेत्र के टाहलीवाल में अग्निकांड जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए बनाया गया आधुनिक अग्निशमन सब स्टेशन स्वयं प्यासा है। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सब स्टेशन का उद्घाटन 2 अप्रैल 2025 को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया था।
एक साल पहले इस चौकी को स्तरोन्नत किया गया था। अब तक यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था हो पाई है और न ही फायर टेंडरों में पानी भरने का कोई स्थायी स्रोत उपलब्ध है।
सब स्टेशन में तैनात करीब 15 अधिकारी व कर्मचारी आज भी पीने का पानी बाजार या घरों से लाने के लिए मजबूर हैं। फायर टेंडर फिलहाल निजी और औद्योगिक ट्यूबवेलों पर निर्भर हैं। यदि किसी आग की बड़ी घटना के दौरान पानी उपलब्ध न हुआ तो राहत कार्य प्रभावित हो सकता है। हरोली ब्लॉक औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने कहा कि नए सब स्टेशन से औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पानी की व्यवस्था न होना किसी भी समय बड़े नुकसान का कारण बन सकता है।
उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। जब सब स्टेशन पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, तो पानी जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं है? क्या योजनाएं सिर्फ कागजों में चलती रहेंगी और कर्मचारी ऐसे ही पानी ढोने को मजबूर रहेंगे?
उधर, होमगार्ड बटालियन व अग्निशमन विभाग ऊना के कमांडेंट ऑफिसर हितेश लखनपाल का कहना है कि इस मामले में वह संबंधित विभागों और कार्यालयों के संपर्क में हैं। वहीं, अग्निशमन सब स्टेशन प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि स्टेशन में इस समय करीब 15 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हें पीने के पानी के लिए बाजार या अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा फायर गाड़ियों में पानी भी बाहरी स्रोतों से भरना पड़ता है। संवाद
Trending Videos
एक साल पहले इस चौकी को स्तरोन्नत किया गया था। अब तक यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था हो पाई है और न ही फायर टेंडरों में पानी भरने का कोई स्थायी स्रोत उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सब स्टेशन में तैनात करीब 15 अधिकारी व कर्मचारी आज भी पीने का पानी बाजार या घरों से लाने के लिए मजबूर हैं। फायर टेंडर फिलहाल निजी और औद्योगिक ट्यूबवेलों पर निर्भर हैं। यदि किसी आग की बड़ी घटना के दौरान पानी उपलब्ध न हुआ तो राहत कार्य प्रभावित हो सकता है। हरोली ब्लॉक औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने कहा कि नए सब स्टेशन से औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पानी की व्यवस्था न होना किसी भी समय बड़े नुकसान का कारण बन सकता है।
उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। जब सब स्टेशन पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, तो पानी जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं है? क्या योजनाएं सिर्फ कागजों में चलती रहेंगी और कर्मचारी ऐसे ही पानी ढोने को मजबूर रहेंगे?
उधर, होमगार्ड बटालियन व अग्निशमन विभाग ऊना के कमांडेंट ऑफिसर हितेश लखनपाल का कहना है कि इस मामले में वह संबंधित विभागों और कार्यालयों के संपर्क में हैं। वहीं, अग्निशमन सब स्टेशन प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि स्टेशन में इस समय करीब 15 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हें पीने के पानी के लिए बाजार या अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा फायर गाड़ियों में पानी भी बाहरी स्रोतों से भरना पड़ता है। संवाद