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Una News: 20 साल पहले का बना बटूही-धमांदरी मार्ग बदहाल, विभाग आज तक नहीं बना पाया निकास नालियां
Sat, 11 Jul 2026 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:02 AM IST
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बटूही मार्ग बरसात में पानी से बादल होने के चलते स्थिति ब्यान करता दृश्य संवाद।
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ऊना। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 20 साल पहले बटूही-धमांदरी मार्ग तो बना डाला लेकिन लोक निर्माण विभाग बंगाणा निकासी नालियां बनाना भूल गया। इसका खामियाजा वर्तमान में जनता आज तक भुगत रही है। बदहाल मार्ग होने की सूरत में हर बरसात में मार्ग पर जलभराव हो जाता है जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना समस्या पेश आ रही है। पांच गांव की हजारों आबादी रोजाना प्रभावित हो रही है। मार्ग पर पानी जमा होने से दुर्घटनाओं का अक्सर खतरा बना रहता है। ग्राम भलोह, घंडावल और धमांदरी क्षेत्र के ग्रामीणों में मनोज कुमार, हरीश कुमार, सुखवीर बैंस, सौरभ सिंह, जसमेल सिंह का कहना है कि लिंक रोड पर वर्षा जलभराव की समस्या राजकीय प्राथमिक विद्यालय भलोह के समीप घंडावल–धमांदरी लिंक रोड पर अत्यंत दयनीय है। प्रत्येक वर्ष वर्षा होने पर इस सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे आम लोगों, स्कूली बच्चों, दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के आवागमन में भारी कठिनाई होती है। यह सड़क लोक निर्माण विभाग बंगाणा के एक्सईएन के अधीन आती है। कई बार समस्या सामने आने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। यह सड़क भलोह, बटूही, डठवाड़ा, धमांदरी, संजोट तथा आसपास के गांवों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। साथ ही यह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-503) तक पहुंचने का सबसे छोटा एवं सुविधाजनक मार्ग भी है। सड़क पर जलभराव के कारण स्थानीय ग्रामीणों, आसपास के गांवों से आने वाले लोगों तथा वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जसमेल सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारी कार्यालयों में बैठ कर ही दावे करते हैं लेकिन इस मार्ग की आज तक सुध तक नहीं ली गई है। सरकार ऐसे लापरवाह अधिकारी की जबावदेही तय करे।
सौरभ बैंस का कहना है कि बरसात में यह मार्ग इतना दयनीय बना हुआ है कि किसी भी समय हादसा हो सकता है। जिसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
सुखवीर सिंह का कहना है कि समस्या का अगर जल्द ही समाधान न किया गया तो विभागीय अधिकारियों का कार्यालय में जाकर ग्रामीण घेराव करने को विवश होंगे।
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जसमेल सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारी कार्यालयों में बैठ कर ही दावे करते हैं लेकिन इस मार्ग की आज तक सुध तक नहीं ली गई है। सरकार ऐसे लापरवाह अधिकारी की जबावदेही तय करे।
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सौरभ बैंस का कहना है कि बरसात में यह मार्ग इतना दयनीय बना हुआ है कि किसी भी समय हादसा हो सकता है। जिसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
सुखवीर सिंह का कहना है कि समस्या का अगर जल्द ही समाधान न किया गया तो विभागीय अधिकारियों का कार्यालय में जाकर ग्रामीण घेराव करने को विवश होंगे।