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Una News: सीडब्ल्यूसी टीम ने बच्ची से की मुलाकात, 6000 रुपये की राहत का निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:31 AM IST
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ऊना। बहडाला गांव में बीते रविवार को एक छह साल की बच्ची को रेलिंग से बांधने के मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) हमीरपुर की टीम शुक्रवार को ऊना पहुंची। इस दौरान पांच सदस्यीय टीम ने बच्ची और उसके परिजनों से मुलाकात की। टीम में एक महिला काउंसलर भी शामिल रही, जिन्होंने घटना के बाद बच्ची की मानसिक अवस्था का आकलन कर रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद बच्ची को 6000 रुपये की फौरी राहत देने का निर्णय लिया गया। इस टीम में हमीरपुर सीडब्ल्यूसी से एडवोकेट मनीश राणा, संगीता और एडवोकेट सिद्धार्थ कौशल शामिल रहे। ऊना से जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलदीप सिंह और काउंसलर वर्षा भी टीम के साथ रहे।
ध्यान रहे कि जिला ऊना में सीडब्ल्यूसी पिछले आठ माह से अस्तित्व में नहीं है। इसी के चलते सीडब्ल्यूसी हमीरपुर के पास इसका अतिरिक्त कार्यभार है। बीते वर्ष जुलाई माह में जिला बाल कल्याण समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उसे भंग कर दिया गया लेकिन अब तक सरकार के सुस्त रवैये के चलते ऊना में नई समिति का गठन नहीं हो पाया। हालांकि पात्र व्यक्तियों द्वारा कई बार आवेदन किए गए, इसके बावजूद नई समिति का गठन अधर में लटका हुआ है।
बच्ची से मुलाकात व बातचीत के बाद एडवोकेट मनीश राणा ने बताया कि बच्चों के साथ इस प्रकार की घटनाओं का होना सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद शर्मनाक है। मामले में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार की गई है।
बता दें कि बीते रविवार को ऊना के बहडाला में एक पूर्व फौजी ने छह साल की बच्ची को रस्सी के साथ रेलिंग से बांध दिया था। मासूम बच्ची का कसूर इतना था कि एक सेवानिवृत्त फौजी के घर के पास अमरूद के पेड़ से फल तोड़ लिया था। इस मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान नेवी में कैप्टन रोहित जसवाल ने बच्ची की आवाज सुनी और राहत बचाव किया।
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ध्यान रहे कि जिला ऊना में सीडब्ल्यूसी पिछले आठ माह से अस्तित्व में नहीं है। इसी के चलते सीडब्ल्यूसी हमीरपुर के पास इसका अतिरिक्त कार्यभार है। बीते वर्ष जुलाई माह में जिला बाल कल्याण समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उसे भंग कर दिया गया लेकिन अब तक सरकार के सुस्त रवैये के चलते ऊना में नई समिति का गठन नहीं हो पाया। हालांकि पात्र व्यक्तियों द्वारा कई बार आवेदन किए गए, इसके बावजूद नई समिति का गठन अधर में लटका हुआ है।
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बच्ची से मुलाकात व बातचीत के बाद एडवोकेट मनीश राणा ने बताया कि बच्चों के साथ इस प्रकार की घटनाओं का होना सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद शर्मनाक है। मामले में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार की गई है।
बता दें कि बीते रविवार को ऊना के बहडाला में एक पूर्व फौजी ने छह साल की बच्ची को रस्सी के साथ रेलिंग से बांध दिया था। मासूम बच्ची का कसूर इतना था कि एक सेवानिवृत्त फौजी के घर के पास अमरूद के पेड़ से फल तोड़ लिया था। इस मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान नेवी में कैप्टन रोहित जसवाल ने बच्ची की आवाज सुनी और राहत बचाव किया।