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Una News: जिले में डीसी, एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने 83 स्कूल लिए गोद
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खास खबर
एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर को नोडल अधिकारी किया नियुक्त
प्रत्येक अधिकारी सप्ताह में एक बार गोद लिए गए विद्यालय का करेंगे दौरा, अपनी पसंद की लेंगे कक्षाएं
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जारी किया जाएगा कारण बताओ नोटिस : तक्खी
प्रत्येक माह के अंतिम दिन नोडल अधिकारी को अपनी यात्रा की रिपोर्ट डायरी के रूप में देना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की हिमाचल विद्यालय दत्तक ग्रहण कार्यक्रम योजना के तहत जिला ऊना में 83 विद्यालयों को गोद लिया गया है। इन विद्यालयों के लिए उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित सभी एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त आईआरबीएन बटालियन बनगढ़ के कमांडेंट, सभी डीएसपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी तथा एससी-एसटी रामपुर के सदस्य सचिव जैसे अधिकारियों को भी विद्यालय गोद लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) महेंद्र पाल गुर्जर को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी एवं सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को गोद लेने की परियोजना से संबंधित शर्तें और रूपरेखा जारी कर दी गई हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार अपने गोद लिए गए विद्यालय का दौरा करेगा और अपनी पसंद की कक्षाएं लेगा। हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षण सामग्री पाठ्यक्रम के अनुरूप हो।
विद्यालयों में की गई गतिविधियों की डायरी रखना अनिवार्य बताया गया है, जिससे शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए विचारों के आदान-प्रदान में सहायता मिलेगी। बाहरी दृष्टिकोण होने के कारण गोद लेने वाले अधिकारी शिक्षण विधियों में नए विचार और तकनीकें ला सकेंगे। सरकार का मानना है कि बदलते समय में युवाओं और होनहार विद्यार्थियों को पढ़ाई की ओर प्रेरित करना तथा उनमें सामान्य पठन-पाठन की आदत विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन अधिकारियों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं, वे प्रत्येक माह के अंतिम दिन अपनी यात्रा एवं गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट डायरी के रूप में नोडल अधिकारी को अनिवार्य रूप से सौंपेंगे। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग, ऊना के उपनिदेशक अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त ऊना जतिन लाल से परामर्श के उपरांत 83 विद्यालयों की सूची संबंधित विभागों के अधिकारियों को जारी कर दी गई है।
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एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर को नोडल अधिकारी किया नियुक्त
प्रत्येक अधिकारी सप्ताह में एक बार गोद लिए गए विद्यालय का करेंगे दौरा, अपनी पसंद की लेंगे कक्षाएं
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जारी किया जाएगा कारण बताओ नोटिस : तक्खी
प्रत्येक माह के अंतिम दिन नोडल अधिकारी को अपनी यात्रा की रिपोर्ट डायरी के रूप में देना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की हिमाचल विद्यालय दत्तक ग्रहण कार्यक्रम योजना के तहत जिला ऊना में 83 विद्यालयों को गोद लिया गया है। इन विद्यालयों के लिए उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित सभी एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त आईआरबीएन बटालियन बनगढ़ के कमांडेंट, सभी डीएसपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी तथा एससी-एसटी रामपुर के सदस्य सचिव जैसे अधिकारियों को भी विद्यालय गोद लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) महेंद्र पाल गुर्जर को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी एवं सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को गोद लेने की परियोजना से संबंधित शर्तें और रूपरेखा जारी कर दी गई हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार अपने गोद लिए गए विद्यालय का दौरा करेगा और अपनी पसंद की कक्षाएं लेगा। हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षण सामग्री पाठ्यक्रम के अनुरूप हो।
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विद्यालयों में की गई गतिविधियों की डायरी रखना अनिवार्य बताया गया है, जिससे शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए विचारों के आदान-प्रदान में सहायता मिलेगी। बाहरी दृष्टिकोण होने के कारण गोद लेने वाले अधिकारी शिक्षण विधियों में नए विचार और तकनीकें ला सकेंगे। सरकार का मानना है कि बदलते समय में युवाओं और होनहार विद्यार्थियों को पढ़ाई की ओर प्रेरित करना तथा उनमें सामान्य पठन-पाठन की आदत विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन अधिकारियों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं, वे प्रत्येक माह के अंतिम दिन अपनी यात्रा एवं गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट डायरी के रूप में नोडल अधिकारी को अनिवार्य रूप से सौंपेंगे। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग, ऊना के उपनिदेशक अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त ऊना जतिन लाल से परामर्श के उपरांत 83 विद्यालयों की सूची संबंधित विभागों के अधिकारियों को जारी कर दी गई है।