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Una News: शहर में जर्जर भवनों का नगर निगम लगाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:20 AM IST
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ऊना। शहर में जर्जर और खतरनाक हो चुके भवनों की पहचान करने के लिए नगर निगम जल्द ही विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत शहर के सभी वार्डों में ऐसे भवनों का सर्वे किया जाएगा, जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है और जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। अभियान के दौरान नगर निगम की टीमें पुराने और जर्जर भवनों की सूची तैयार कर उनकी स्थिति का आकलन करेंगी।
शहर में कुछ माह पूर्व ही 18 के करीब भवनों को उनकी खराब हालत को देखते हुए असुरक्षित घोषित किया गया है। इन भवनों की दीवारों और छतों में दरारें पाई गई हैं और कई स्थानों पर भवनों के हिस्से टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे भवनों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी यह खतरे का कारण बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पूरे शहर में जर्जर भवनों की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान निगम की टीमें वार्ड स्तर पर जाकर भवनों का निरीक्षण करेंगी और जिन भवनों की हालत बेहद खराब पाई जाएगी, उन्हें असुरक्षित घोषित कर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही उन्हें भवन की मरम्मत करने या आवश्यकतानुसार उसे खाली करवाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कई भवन दशकों पुराने हैं और लंबे समय से उनकी उचित मरम्मत नहीं हो पाई है। बरसात और मौसम के प्रभाव के कारण भी इन भवनों की संरचना कमजोर हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और पुराने मोहल्लों में ऐसे भवनों की संख्या अधिक होने की संभावना रहती है।
शहर वासियों से भी सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहर वासियों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में है तो उसकी जानकारी नगर निगम को देने के लिए कहा गया है, ताकि निगम की टीम मौके पर जाकर उसका निरीक्षण कर सके। अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में जर्जर भवनों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर उस पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
-मनोज कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम ऊना
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शहर में कुछ माह पूर्व ही 18 के करीब भवनों को उनकी खराब हालत को देखते हुए असुरक्षित घोषित किया गया है। इन भवनों की दीवारों और छतों में दरारें पाई गई हैं और कई स्थानों पर भवनों के हिस्से टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे भवनों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी यह खतरे का कारण बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पूरे शहर में जर्जर भवनों की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान निगम की टीमें वार्ड स्तर पर जाकर भवनों का निरीक्षण करेंगी और जिन भवनों की हालत बेहद खराब पाई जाएगी, उन्हें असुरक्षित घोषित कर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही उन्हें भवन की मरम्मत करने या आवश्यकतानुसार उसे खाली करवाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि कई भवन दशकों पुराने हैं और लंबे समय से उनकी उचित मरम्मत नहीं हो पाई है। बरसात और मौसम के प्रभाव के कारण भी इन भवनों की संरचना कमजोर हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और पुराने मोहल्लों में ऐसे भवनों की संख्या अधिक होने की संभावना रहती है।
शहर वासियों से भी सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहर वासियों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में है तो उसकी जानकारी नगर निगम को देने के लिए कहा गया है, ताकि निगम की टीम मौके पर जाकर उसका निरीक्षण कर सके। अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में जर्जर भवनों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर उस पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
-मनोज कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम ऊना