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Amar Ujala Samwad: 'संवाद' में शिरकत करेंगे मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन (रिटा.), रणनीतिक शक्ति पर होगी चर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 18 May 2026 08:27 AM IST
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सार
Amar Ujala Samwad 2026: 'अमर उजाला संवाद' का मंच इस बार उत्तर प्रदेश में सजने जा रहा है। 18-19 मई को आयोजित होने जा रहे अमर उजाला संवाद में राजनीति, सैन्य, सिनेमा, खेल और रचनात्मक जगत की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी। संवाद में मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन (सेवानिवृत्त) भी हिस्सा लेंगे।
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन (सेवानिवृत्त)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला समूह उत्तर प्रदेश की राजधानी में संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन करने जा रहा है। दो दिवसीय इस आयोजन में 20 से अधिक सत्रों के दौरान 35 से अधिक अतिथि प्रदेश के विकास, मनोरंजन, अध्यात्म, खेल, राजनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत दर्जनों विषयों पर बात करेंगे।इस कार्यक्रम में सर्वोच्च पदकों से सम्मानित अधिकारी मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन (सेवानिवृत्त) भी शिरकत करेंगे। इस दौरान वह अमर उजाला के मंच पर देश की रणनीतिक शक्ति से आर्थिक समृद्धि तक चर्चा करेंगे।
अश्वनी कुमार चन्नन के बारे में
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन भारतीय सेना के एक वरिष्ठ रिटायर्ड आर्टिलरी डिविजन के सम्मानित अधिकारी हैं। वे भारतीय सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने सैन्य आधुनिकीकरण, मेक इन इंडिया रक्षा नीति और आर्मी डिजाइन ब्यूरो के संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अगस्त 1983 में भारतीय सेना में कमीशन हुए और अगस्त 2020 में सेवानिवृत्त हुए।
इस दौरान उन्होंने सेना में कई पदों पर रहते हुए अपना उत्कृष्ट योगदान दिया। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (खडकवासला), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (वेलिंगटन), हायर कमांड कोर्स (आर्मी वॉर कॉलेज, मऊ) और नेशनल डिफेंस कॉलेज (दिल्ली) के एलुमनी हैं।
सैन्य करियर (1983–2020)
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन अगस्त 1983 में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुए। उन्होंने ऑपरेशनल क्षेत्रों में विभिन्न कमान एवं स्टाफ संबंधी दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने आतंक-रोधी अभियानों वाले क्षेत्रों में स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। सेना मुख्यालय में ‘परिप्रेक्ष्य नियोजन निदेशालय’ में कार्य किया। कर्नल प्रशासन तथा कर्नल सैन्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर दायित्व संभाले। उप महानिदेशक योजना एवं प्रबंधन प्रकोष्ठ में सेवाएं दीं। सेना डिजाइन ब्यूरो के प्रथम अतिरिक्त महानिदेशक रहे।
अहम योगदान
पुरस्कार
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन को वर्ष 2020 में उनकी विशिष्ट एवं असाधारण सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद 22 नवंबर 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रीय रक्षा अलंकरण समारोह (चरण-1) में प्रदान किया गया था। इसके अलावा 2015 में सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन को इससे पहले कई अन्य पदकों से सम्मानित किया गया।
अश्वनी कुमार चन्नन के बारे में
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन भारतीय सेना के एक वरिष्ठ रिटायर्ड आर्टिलरी डिविजन के सम्मानित अधिकारी हैं। वे भारतीय सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने सैन्य आधुनिकीकरण, मेक इन इंडिया रक्षा नीति और आर्मी डिजाइन ब्यूरो के संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अगस्त 1983 में भारतीय सेना में कमीशन हुए और अगस्त 2020 में सेवानिवृत्त हुए।
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इस दौरान उन्होंने सेना में कई पदों पर रहते हुए अपना उत्कृष्ट योगदान दिया। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (खडकवासला), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (वेलिंगटन), हायर कमांड कोर्स (आर्मी वॉर कॉलेज, मऊ) और नेशनल डिफेंस कॉलेज (दिल्ली) के एलुमनी हैं।
सैन्य करियर (1983–2020)
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन अगस्त 1983 में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुए। उन्होंने ऑपरेशनल क्षेत्रों में विभिन्न कमान एवं स्टाफ संबंधी दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने आतंक-रोधी अभियानों वाले क्षेत्रों में स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। सेना मुख्यालय में ‘परिप्रेक्ष्य नियोजन निदेशालय’ में कार्य किया। कर्नल प्रशासन तथा कर्नल सैन्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर दायित्व संभाले। उप महानिदेशक योजना एवं प्रबंधन प्रकोष्ठ में सेवाएं दीं। सेना डिजाइन ब्यूरो के प्रथम अतिरिक्त महानिदेशक रहे।
अहम योगदान
- मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन की सबसे चर्चित भूमिका आर्मी डिजाइन ब्यूरो में रही।
- आर्मी डिजाइन ब्यूरो की स्थापना भारतीय सेना और घरेलू रक्षा उद्योग के बीच सेतु संस्थान के रूप में की गई थी।
- ब्यूरो का उद्देश्य भारतीय रक्षा स्टार्टअप्स को सेना से जोड़ना और नवाचार को बढ़ावा देना था।
- स्वदेशी हथियार प्रणालियों और रक्षा तकनीकों को प्रोत्साहन देना इसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था।
- निजी रक्षा क्षेत्र के साथ भारतीय सेना की साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
- रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम कर आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना ब्यूरो का अहम लक्ष्य था।
- मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन को आर्मी डिजाइन ब्यूरो का पहला अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया था।
पुरस्कार
मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन को वर्ष 2020 में उनकी विशिष्ट एवं असाधारण सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद 22 नवंबर 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रीय रक्षा अलंकरण समारोह (चरण-1) में प्रदान किया गया था। इसके अलावा 2015 में सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन को इससे पहले कई अन्य पदकों से सम्मानित किया गया।