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Amar Ujala Samwad: संवाद में हिस्सा लेंगे पूर्व विंग कमांडर मनोज कुमार, आधुनिक युद्ध प्रणालियों पर होगी चर्चा

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Mon, 18 May 2026 08:33 AM IST
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सार

Amar Ujala Samwad 2026: राजधानी लखनऊ आगामी 18 और 19 मई को देश के चर्चित चेहरों, विचारों और विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 78 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समेटे और स्वर्णिम शताब्दी की ओर तेजी से बढ़ रहे अमर उजाला समूह का महाआयोजन ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ राजधानी में सजने जा रहा है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीति, अध्यात्म, उद्योग, सिनेमा, खेल और समाज के बड़े चेहरे जनता से सीधे संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में विंग कमांडर डॉ मनोज कुमार (सेवानिवृत) भी हिस्सा ले रहे हैं। 

Amar Ujala Samwad: Ex-IAF Officer Dr Manoj Kumar to Discuss Future Warfare Technologies
विंग कमांडर डॉ मनोज कुमार (सेवानिवृत) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

78 वर्षों की विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा अमर उजाला समूह राजधानी लखनऊ के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन करने जा रहा है। 18-19 मई को आयोजित होने जा रहे अमर उजाला संवाद में राजनीति, सैन्य, सिनेमा, खेल और रचनात्मक जगत की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी। इस कार्यक्रम में विंग कमांडर डॉ मनोज कुमार (सेवानिवृत) भी सैन्य रणनीति और भविष्य की सैन्य संभावनाओं पर विचार रखेंगे। आइए कार्यक्रम से पहले उनके बारे में जानते हैं।



परिचय
विंग कमांडर डॉ. मनोज कुमार (सेवानिवृत्त) भारतीय वायु सेना के एक विशिष्ट पूर्व अधिकारी, उत्पाद नेतृत्व विशेषज्ञ तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वायत्त प्रणालियों के अग्रणी विशेषज्ञ हैं। मनोज कुमार ने एआई और मशीन लर्निंग में कई पेटेंट हासिल किए हैं। 
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उनका करियर भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और सामरिक आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक प्रतिष्ठित विचारक और नियमित वक्ता के रूप में डॉ. कुमार ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र की प्रमुख आवाज माने जाते हैं। वे ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा मानवरहित प्रणालियों के द्वैध-उपयोग (Dual-Use) अनुप्रयोगों से जुड़े नीतिगत विमर्श में सक्रिय योगदान देते रहे हैं। 


उपलब्धियां
रक्षा नवाचार के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ डॉ. कुमार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने एक दर्जन से अधिक स्वदेशी मानव रहित विमान (यूएवी) प्रौद्योगिकियों के विकास को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारतीय सैन्य ढांचे में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान ने 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2020-21 में भारत चीन बॉर्डर पर हुए तनाव को खत्म करने वाली टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।

डॉ. कुमार के नाम कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में कई पेटेंट दर्ज हैं, जो उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार क्षमता को दर्शाते हैं। सैन्य क्षेत्र से परे उन्होंने 129 से अधिक स्टार्टअप्स और उद्योगों के साथ व्यापक नवाचार नेटवर्क विकसित किया है, जिसका उद्देश्य नई प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाना और रक्षा क्षमताओं का विकास करना है। वे भारतीय वायु सेना अकादमी, वेपन स्कूल तथा बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान पिलानी के पूर्व छात्र हैं, जहां से उन्होंने टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

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