Youth Job Migration: नौकरी अब मजबूरी नहीं, बेहतर वेतन और अच्छे कॅरिअर के लिए दूसरे शहर जा रहीं महिलाएं और युवा
वर्कइंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ब्लू और ग्रे-कॉलर वर्कर अब मजबूरी में नहीं, बल्कि बेहतर कॅरिअर और वेतन के लिए दूसरे शहरों में जा रहे हैं। खास तौर पर महिलाएं और युवा इसमें आगे हैं। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 86 लाख लोगों ने बाहरी शहरों में नौकरी के लिए आवेदन किया, जो पिछले साल से 31.4% ज्यादा है। टियर-2 शहरों में रोजगार बढ़ रहे हैं।
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भारत के रोजगार बाजार में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज के समय में नौकरी के लिए अपना घर छोड़ना किसी की मजबूरी नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहतर कॅरिअर और अच्छे भविष्य की सीढ़ी बन गया है। अच्छा वेतन, सस्ता रहन-सहन और एक बेहतर जीवन की चाहत देश के रोजगार के भूगोल को पूरी तरह से बदल रही है।
ब्लू और ग्रे-कॉलर जॉब देने वाले मंच वर्कइंडिया की एक ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिक पैसे और अच्छे कॅरिअर की तलाश में शारीरिक मेहनत वाले (ब्लू-कॉलर) और अर्ध-कुशल (ग्रे-कॉलर) कर्मचारी अब दूसरे शहरों में जाने का रुझान तेजी से दिखा रहे हैं। अब लोग सिर्फ अपने गृहनगर तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं और बाहर निकल रहे हैं।
क्या महिलाएं और युवा नौकरी के लिए छोड़ रहे हैं अपना शहर?
जी हां, सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं और युवाओं में देखने को मिल रहा है। खास तौर पर पहली बार नौकरी की तलाश करने वाले युवा अपने शहर से बाहर जाकर काम करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वे बड़े अवसर खोज रहे हैं। महिलाओं का आत्मविश्वास अब बहुत बढ़ गया है। जिन कामों को पहले सिर्फ पुरुषों का काम माना जाता था, अब महिलाएं उन क्षेत्रों में भी तेजी से आगे आ रही हैं। वे न केवल इन नौकरियों में जा रही हैं, बल्कि बेहतर मौके के लिए दूसरे शहर जाने को भी तैयार हैं।
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इस रिपोर्ट में नौकरी के आवेदनों का क्या है ताजा आंकड़ा?
यह रिपोर्ट 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरी के आवेदनों को बारीकी से समझने के बाद तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच दूसरे शहरों में नौकरी के लिए 86 लाख लोगों ने आवेदन किया है। आंकड़े बताते हैं कि यह रुझान बहुत तेजी से बढ़ा है। पिछले साल इसी समय 65 लाख लोगों ने दूसरे शहर के लिए आवेदन किया था, जिसकी तुलना में इस बार 31.4 फीसदी की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है
| आवेदनों का समय | दूसरे शहर के लिए कुल आवेदन |
| जनवरी से अप्रैल (पिछला वर्ष) | 65 लाख |
| जनवरी से अप्रैल 2026 | 86 लाख |
| कुल वृद्धि दर | 31.4 फीसदी |
ऊपर दी गई इस टेबल से बहुत आसानी से समझा जा सकता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल दूसरे शहर जाने वालों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। यह अपने शहर में नौकरी के लिए किए गए आवेदनों की 20.2 फीसदी वृद्धि से कहीं ज्यादा है।
क्या हर चौथा कर्मचारी अपने शहर से बाहर काम करना चाहता है?
यह बिल्कुल सच है। आज के समय में हर चार में से एक कर्मचारी यानी लगभग 24.1 फीसदी लोग अपने गृहनगर से बाहर अच्छी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 22.5 फीसदी ही था। पहली बार नौकरी तलाशने वाले युवाओं में दूसरे शहर जाने की दर 11 फीसदी बढ़ी है, जबकि पुराने और अनुभवी कर्मचारियों में यह सिर्फ 5 फीसदी रही। इसके साथ ही, भारत के ब्लू और ग्रे-कॉलर कार्यबल में बदलाव की नई बयार चल रही है और अब टियर-2 शहरों में भी रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं।