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PM Modi Norway Visit: आज भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, कई अहम मुद्दों पर होगी बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 18 May 2026 08:37 AM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे की यात्रा पर पर पहुंचेंगे। वह वहां तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जा रहा है। इस दौरे से व्यापार, निवेश, हरित तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी
- फोटो : X @BJP4India
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नॉर्वे पहुंचेंगे। वह वहां तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और नॉर्वे के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा है। पिछले 43 वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा है।
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों नेता मिलकर 'भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट' को भी संबोधित करेंगे।
कई अहम मुद्दों पर होगी बात
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे से भारत और नॉर्वे के रिश्तों की प्रगति को परखने का मौका मिलेगा। दोनों देश व्यापार और निवेश को और मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा करेंगे। इसमें भारत-ईएफटीए (EFTA) व्यापार समझौते, स्वच्छ और हरित तकनीक और समुद्री अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) पर खास ध्यान दिया जाएगा।
MEA ने कहा, यह यात्रा लगभग 2.73 बिलियन अमेरिकी डॉलर (2024) के द्विपक्षीय व्यापार और भारतीय पूंजी बाजार में नॉर्वे के सरकारी पेंशन फंड (GPFG) द्वारा लगभग 28 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश को गति देने का भी एक अवसर होगी।
ये भी पढ़ें: Nitin Gadkari: 'सिर्फ सरकार-भगवान के भरोसे रहने से नहीं बदलेगा देश', गडकरी ने लोगों से की जनभागीदारी की अपील
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में होगा शामिल
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई 2026 को ओस्लो में होगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए थे।
इस सम्मेलन का मकसद नॉर्डिक देशों के साथ भारत के रिश्तों को और रणनीतिक बनाना है। इसमें तकनीक, नवाचार, अक्षय ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। नॉर्डिक देशों के साथ भारत का कुल व्यापार 2024 में 19 अरब डॉलर रहा है। इस दौरे से सप्लाई चेन को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक समझौतों को भी इससे बल मिलेगा।
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों नेता मिलकर 'भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट' को भी संबोधित करेंगे।
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कई अहम मुद्दों पर होगी बात
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे से भारत और नॉर्वे के रिश्तों की प्रगति को परखने का मौका मिलेगा। दोनों देश व्यापार और निवेश को और मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा करेंगे। इसमें भारत-ईएफटीए (EFTA) व्यापार समझौते, स्वच्छ और हरित तकनीक और समुद्री अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) पर खास ध्यान दिया जाएगा।
MEA ने कहा, यह यात्रा लगभग 2.73 बिलियन अमेरिकी डॉलर (2024) के द्विपक्षीय व्यापार और भारतीय पूंजी बाजार में नॉर्वे के सरकारी पेंशन फंड (GPFG) द्वारा लगभग 28 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश को गति देने का भी एक अवसर होगी।
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भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में होगा शामिल
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई 2026 को ओस्लो में होगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए थे।
इस सम्मेलन का मकसद नॉर्डिक देशों के साथ भारत के रिश्तों को और रणनीतिक बनाना है। इसमें तकनीक, नवाचार, अक्षय ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। नॉर्डिक देशों के साथ भारत का कुल व्यापार 2024 में 19 अरब डॉलर रहा है। इस दौरे से सप्लाई चेन को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक समझौतों को भी इससे बल मिलेगा।