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वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले की शादी पर बवाल: पति फरमान पर POCSO केस, कठघरे में केरल सरकार!
आईएएनएस,तिरुवनंतपुरम/ भोपाल
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:13 PM IST
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सार
केरल में जिस अंतरधार्मिक विवाह को वामपंथी नेताओं ने 'प्रगतिशील भारत' का चेहरा बताया था, वह अब कानूनी विवादों में है। जांच में पता चला है कि दुल्हन मोनालिसा भोसले मात्र 16 साल की है। मध्य प्रदेश पुलिस ने पति पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है, वहीं राष्ट्रीय आयोग ने केरल और एमपी के पुलिस प्रमुखों को तलब किया है।
मोनालिसा, फरमान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिस शादी को केरल के सामाजिक सद्भाव और प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताकर बड़े स्तर पर प्रचारित किया गया था, वह अब एक बड़े कानूनी विवाद का केंद्र बन गई है। 'कुंभ मेला वायरल स्टार' के नाम से मशहूर मोनालिसा भोसले और फरमान खान की शादी अब पुलिस और अदालती कार्यवाहियों के घेरे में है। ताजा खुलासे के अनुसार, शादी के समय मोनालिसा नाबालिग थीं। अब मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके पति फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 11 मार्च को केरल के तिरुवनंतपुरम के पास पूवर के एक मंदिर में यह शादी धूमधाम से हुई थी। इंदौर की रहने वाली मोनालिसा और महाराष्ट्र के फरमान खान ने केरल को इसलिए चुना था क्योंकि उन्हें अपने अंतरधार्मिक संबंधों के कारण अन्य राज्यों में विरोध का डर था। शादी से ठीक पहले दोनों ने थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनकी उम्र को सही मानते हुए शादी होने दी थी।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का बड़ा खुलासा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने मामले की जांच की। आयोग की जांच में सामने आया कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। यानी शादी के वक्त उनकी उम्र मात्र 16 साल थी। आयोग ने यह भी आरोप लगाया है कि शादी को कानूनी रूप देने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया गया था।
यह भी पढ़ें: Bengal Elections: 'सांप पर भी भरोसा किया जा सकता है, लेकिन उनपर नहीं', चुनावी रैली में भाजपा पर बरसीं CM ममता
सीपीआई-एम नेतृत्व पर उठे सवाल
यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक भी हो गया है। इस शादी में सीपीआई-एम के दिग्गज नेता शामिल हुए थे। पार्टी के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन, शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी और राज्यसभा सांसद एए रहीम ने इस विवाह की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने इसे 'द रियल केरल स्टोरी' करार देते हुए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बताया था। अब विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े नेताओं ने बिना किसी जांच-पड़ताल के एक नाबालिग की शादी को बढ़ावा कैसे दिया?
पुलिस महानिदेशकों को दिल्ली तलब किया गया
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों को 22 अप्रैल को दिल्ली में पेश होने का आदेश दिया है। आयोग यह जानना चाहता है कि आखिर एक नाबालिग लड़की की शादी के लिए फर्जी दस्तावेज कैसे बने और स्थानीय प्रशासन से कहां चूक हुई?
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क्या है पूरा मामला?
बीते 11 मार्च को केरल के तिरुवनंतपुरम के पास पूवर के एक मंदिर में यह शादी धूमधाम से हुई थी। इंदौर की रहने वाली मोनालिसा और महाराष्ट्र के फरमान खान ने केरल को इसलिए चुना था क्योंकि उन्हें अपने अंतरधार्मिक संबंधों के कारण अन्य राज्यों में विरोध का डर था। शादी से ठीक पहले दोनों ने थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनकी उम्र को सही मानते हुए शादी होने दी थी।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का बड़ा खुलासा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने मामले की जांच की। आयोग की जांच में सामने आया कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। यानी शादी के वक्त उनकी उम्र मात्र 16 साल थी। आयोग ने यह भी आरोप लगाया है कि शादी को कानूनी रूप देने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया गया था।
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सीपीआई-एम नेतृत्व पर उठे सवाल
यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक भी हो गया है। इस शादी में सीपीआई-एम के दिग्गज नेता शामिल हुए थे। पार्टी के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन, शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी और राज्यसभा सांसद एए रहीम ने इस विवाह की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने इसे 'द रियल केरल स्टोरी' करार देते हुए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बताया था। अब विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े नेताओं ने बिना किसी जांच-पड़ताल के एक नाबालिग की शादी को बढ़ावा कैसे दिया?
पुलिस महानिदेशकों को दिल्ली तलब किया गया
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों को 22 अप्रैल को दिल्ली में पेश होने का आदेश दिया है। आयोग यह जानना चाहता है कि आखिर एक नाबालिग लड़की की शादी के लिए फर्जी दस्तावेज कैसे बने और स्थानीय प्रशासन से कहां चूक हुई?
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