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Maharashtra: मालेगांव विस्फोट मामले में बॉम्बे HC ने चार आरोपियों को राहत दी; सात लोगों से 91 लाख रुपये की ठगी
पीटीआई, मुंबई
Published by: Nitin Gautam
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:40 PM IST
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2006 के मालेगांव विस्फोट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें मामले से मुक्त कर दिया।
इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस केस में एक अहम मोड़ आ गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को बरकरार रखने का पर्याप्त आधार नहीं पाया गया, जिसके चलते आरोप निरस्त कर दिए गए।
सरकारी ठेके दिलाने का झांसा देकर सात लोगों से 91 लाख रुपये ठगे
सरकारी विभागों में काम का ठेका दिलाने का झांसा देकर सात लोगों से करीब 91 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान मराठवाड़ा के नांदेड़ निवासी सतीश कदम के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता हनुमंत वडजे ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें और छह अन्य लोगों को शहरी विकास तथा सामाजिक न्याय विभाग में काम दिलाने का वादा कर लगभग 91 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के मुताबिक, यह ठगी 2024 से 2026 के बीच की गई। आरोपी ने नकद और बैंक खातों में रकम जमा करवाई। हालांकि, उसने आंशिक रूप से कुछ पैसे वापस भी किए थे। आरोपी द्वारा जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद पीड़ित ने मरीन ड्राइव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
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इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस केस में एक अहम मोड़ आ गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को बरकरार रखने का पर्याप्त आधार नहीं पाया गया, जिसके चलते आरोप निरस्त कर दिए गए।
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सरकारी ठेके दिलाने का झांसा देकर सात लोगों से 91 लाख रुपये ठगे
सरकारी विभागों में काम का ठेका दिलाने का झांसा देकर सात लोगों से करीब 91 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान मराठवाड़ा के नांदेड़ निवासी सतीश कदम के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता हनुमंत वडजे ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें और छह अन्य लोगों को शहरी विकास तथा सामाजिक न्याय विभाग में काम दिलाने का वादा कर लगभग 91 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के मुताबिक, यह ठगी 2024 से 2026 के बीच की गई। आरोपी ने नकद और बैंक खातों में रकम जमा करवाई। हालांकि, उसने आंशिक रूप से कुछ पैसे वापस भी किए थे। आरोपी द्वारा जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद पीड़ित ने मरीन ड्राइव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
मुंबई : सिग्नल में गड़बड़ी से एक ही पटरी पर आई दो ट्रेनें, स्टेशन मास्टर निलंबित
मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन के बाहर मंगलवार को सिग्नल में गड़बड़ी के कारण एक लोकल ट्रेन गलत पटरी पर चली गई और निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर मुड़ गई। मोटरमैन की सतर्कता से ट्रेन की टक्कर होने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सिग्नल में गड़बड़ी के कारण सीएसएमटी के स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, सीएसएमटी से बदलापुर जाने वाली ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर चार के बजाय गलती से पांच पर जाने का सिग्नल दे दिया गया। इसके चलते ट्रेन गलत रूट पर चली गई और प्लेटफॉर्म पर पहले से खड़ी एक अन्य लोकल ट्रेन से करीब 270 मीटर पहले रुकी। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घटना दोपहर बाद 3.40 बजे हुई, जिससे मुख्य लाइन पर संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। बाद में ट्रेन को पीछे करके सही मार्ग पर लाया गया, जिसके बाद सेवाएं बहाल कर दी गई।
दरअसल, सीएसएमटी से बदलापुर जाने वाली ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर चार के बजाय गलती से पांच पर जाने का सिग्नल दे दिया गया। इसके चलते ट्रेन गलत रूट पर चली गई और प्लेटफॉर्म पर पहले से खड़ी एक अन्य लोकल ट्रेन से करीब 270 मीटर पहले रुकी। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घटना दोपहर बाद 3.40 बजे हुई, जिससे मुख्य लाइन पर संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। बाद में ट्रेन को पीछे करके सही मार्ग पर लाया गया, जिसके बाद सेवाएं बहाल कर दी गई।

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