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Lok Sabha: संसद के बजट सत्र में 5वें दिन अहम विधेयक पारित, जम्मू-कश्मीर में SC-ST सूची में बदलाव का रास्ता साफ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 06 Feb 2024 11:08 PM IST
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सार
संसद के बजट सत्र में 5वें दिन लोकसभा से दो अहम विधेयक पारित हुए हैं। इन विधेयकों के पारित होने के बाद जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) की सूची में बदलाव का रास्ता साफ होगा।
लोक सभा की कार्यवाही (वीडियो ग्रैब- यूट्यूब)
- फोटो : social media
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विस्तार
संसद के बजट सत्र में जम्मू-कश्मर से जुड़े दो अहम विधेयक पारित हुए हैं। लोकसभा में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सूची संशोधन विधेयक पारित हुए। संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित होने के बाद अब अनुसूचित जातियों की सूची में वाल्मिकी समुदाय लिखा जाएगा। चुरा, बाल्मीकि, भंगी और मेहतर समुदायों के बदले वाल्मिकी समुदाय लिखा जाएगा। विधेयक के कानून बनने के बाद बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का बयान
लोकसभा से पारित विधेयक से संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश 1956 में संशोधन की पहल की गई है। अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अनुसूचित जाति मानी जाने वाली जातियों को सूचीबद्ध किया जा सकेगा। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने दिया। उन्होंने लगभग साढ़े चार साल पहले हुए फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अगस्त, 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में समानता सुनिश्चित हुई है।
छात्रवृत्ति बंद करने पर विचार नहीं
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि साल 2019 से पहले सरकारें अनुसूचित जाति के लोगों को अपने वोटबैंक के लिए इस्तेमाल किया करती थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति बंद करने पर विचार नहीं कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में चार समुदायों को लाभ मिलेगा
लोकसभा से पारित एक अन्य विधेयक का टाइटल- संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 भी पारित किया। इसके कानून बनने पर जम्मू-कश्मीर में चार समुदायों- गड्डा ब्राह्मण, कोली, पद्दारी जनजाति और पहाड़ी जातीय समूह को अनुसूचित जनजातियों की सूची में जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने पर सरकार का जवाब
इस विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, अनुच्छेद 370 को खत्म कर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर भी जवाब दिया। विपक्षी सदस्य की इस मांग पर अर्जुन मुंडा ने कहा, भाजपा को केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की पूरी चिंता है।
अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 में संशोधन
इस विधेयक का मकसद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अनुसूचित जनजातियों की अलग सूची बनाना है। इसके लिए संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 में संशोधन किया जाएगा।
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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का बयान
लोकसभा से पारित विधेयक से संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश 1956 में संशोधन की पहल की गई है। अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अनुसूचित जाति मानी जाने वाली जातियों को सूचीबद्ध किया जा सकेगा। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने दिया। उन्होंने लगभग साढ़े चार साल पहले हुए फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अगस्त, 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में समानता सुनिश्चित हुई है।
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छात्रवृत्ति बंद करने पर विचार नहीं
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि साल 2019 से पहले सरकारें अनुसूचित जाति के लोगों को अपने वोटबैंक के लिए इस्तेमाल किया करती थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति बंद करने पर विचार नहीं कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में चार समुदायों को लाभ मिलेगा
लोकसभा से पारित एक अन्य विधेयक का टाइटल- संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 भी पारित किया। इसके कानून बनने पर जम्मू-कश्मीर में चार समुदायों- गड्डा ब्राह्मण, कोली, पद्दारी जनजाति और पहाड़ी जातीय समूह को अनुसूचित जनजातियों की सूची में जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने पर सरकार का जवाब
इस विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, अनुच्छेद 370 को खत्म कर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर भी जवाब दिया। विपक्षी सदस्य की इस मांग पर अर्जुन मुंडा ने कहा, भाजपा को केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की पूरी चिंता है।
अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 में संशोधन
इस विधेयक का मकसद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अनुसूचित जनजातियों की अलग सूची बनाना है। इसके लिए संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 में संशोधन किया जाएगा।
