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'पर्यावरण संतुलन के लिए अहम': मुर्मू ने राष्ट्रीय आरोग्य मेला का किया उद्घाटन, औषधीय पौधों को लेकर दिया संदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलढाणा Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 25 Feb 2026 07:51 PM IST
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सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शेगांव में राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है। उन्होंने जंगलों के खत्म होने और औषधीय पौधों की कमी पर चिंता जताई और कहा कि बीमारी से बचाव से स्वास्थ्य सेवा पर दबाव भी कम होता है।

President Murmu bats for cultivation of medicinal plants to benefit farmers soil health News In Hindi
द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को औषधीय पौधों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारती है बल्कि मिट्टी की सेहत और पर्यावरण संतुलन के लिए भी जरूरी है। राष्ट्रपति ने बताया कि अच्छे स्वास्थ्य को जीवन की असली खुशी माना जाता है और स्वस्थ नागरिक देश को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। बता दें कि मुर्मू ने यह बात महाराष्ट्र के बुलढाणा के शेगांव में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का उद्घाटन करते हुए कही। 

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उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बीमारी से बचाव व्यक्तिगत लाभ के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर दबाव भी कम करता है। मुर्मू ने कहा कि उनके जीवन का अनुभव और प्रकृति के करीब रहने का तरीका उन्हें आयुर्वेद और योग अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
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जंगलों के खत्म होने पर जताई चिंता
इस दौरान राष्ट्रपति ने चिंता जताई कि जंगलों के खत्म होने और औषधीय पौधों की कमी के कारण आज अनुसंधानकर्ता भी दवाइयों के लिए आवश्यक पौधों को जुटाने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मुर्मू ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती को सरकार पर निर्भर न रहकर बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में 'आरोग्यम् परमं सुखम्' कहा गया है, यानी समग्र स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी खुशी है।

उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा (नैचुरोपैथी), सिद्ध और यूनानी विधियां लोगों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष विभाग ने पिछले दशक में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं। नए एआईआईएमएस अस्पतालों में आयुष विभाग स्थापित किए गए हैं और सोवा रिग्पा संस्थान लेह में शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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शेगांव के गजानन मंदिर में पूजा-अर्चना भी की

उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान, नवाचार और वैश्विक सहयोग से आयुष को सरल, सुलभ और लोकप्रिय बनाया जा सकेगा। इसके जरिए इसे समकालीन स्वास्थ्य प्रणाली में सफलतापूर्वक शामिल किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति ने शेगांव स्थित गजानन महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने गजानन महाराज के जीवन को लोगों की सेवा के लिए समर्पित बताया और उनके 'गण गण गणत बोते' के संदेश को सभी जीवों के प्रति समान दृष्टिकोण का मार्गदर्शन बताया।

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