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Kathua News: आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:06 AM IST
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शहर के वार्ड 19 में श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करते भक्त। संवाद
- फोटो : Samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड-19 स्थित आदियोगी आश्रम में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथाव्यास आदियोगी गौतम महाराज ने परीक्षित राजा की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण ऐसा दिव्य ग्रंथ है जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य के मोह-माया और लोभ का अंत होता है और वह भगवान के परमधाम का अधिकारी बन जाता है।
महाराज ने बताया कि कथा के दौरान तक्षक सर्प के दंश से राजा परीक्षित का देहावसान हुआ किंतु कथा श्रवण के प्रभाव से उनका मन सांसारिक मोह से मुक्त होकर स्वर्गिक सुख में लीन रहा। उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम क्षणों में जिस भाव से परमात्मा का स्मरण किया जाता है वही भाव जीव को प्राप्त होता है। इसी विधान के अनुसार परीक्षित जी अपने पुण्यों और आस्था के बल पर शुकदेव ऋषि के साथ स्वर्गलोक को प्रस्थान कर गए।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और ज्ञान चक्षु खुलते हैं जो हमें सांसारिक बंधनों से मुक्त करने में सहायक होते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा का श्रवण सदैव निष्ठा और ध्यानपूर्वक करना चाहिए। कथा के समापन पर भक्तों ने सामूहिक आरती में भाग लिया। इसके बाद आयोजित भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक आनंद हासिल किया।
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महाराज ने बताया कि कथा के दौरान तक्षक सर्प के दंश से राजा परीक्षित का देहावसान हुआ किंतु कथा श्रवण के प्रभाव से उनका मन सांसारिक मोह से मुक्त होकर स्वर्गिक सुख में लीन रहा। उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम क्षणों में जिस भाव से परमात्मा का स्मरण किया जाता है वही भाव जीव को प्राप्त होता है। इसी विधान के अनुसार परीक्षित जी अपने पुण्यों और आस्था के बल पर शुकदेव ऋषि के साथ स्वर्गलोक को प्रस्थान कर गए।
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कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और ज्ञान चक्षु खुलते हैं जो हमें सांसारिक बंधनों से मुक्त करने में सहायक होते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा का श्रवण सदैव निष्ठा और ध्यानपूर्वक करना चाहिए। कथा के समापन पर भक्तों ने सामूहिक आरती में भाग लिया। इसके बाद आयोजित भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक आनंद हासिल किया।

शहर के वार्ड 19 में श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करते भक्त। संवाद- फोटो : Samvad