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Kathua News: बाढ़ के बाद से बागड़ा और दिवलां गांवों में ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:13 AM IST
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पेयजल समस्या के बारे में जानकारी देते जलशक्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे लोग। संवाद
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- ग्रामीणों ने प्रशासन से की बहाल करने की मांग
कठुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अगस्त महीने में आई बाढ़ के बाद से बागड़ा और दिवलां गांवों में ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति को बहाल करने की मांग की है। शनिवार को ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल उपायुक्त राजेश शर्मा से मिला और उन्हें समस्या से अवगत कराया। डीसी ने ग्रामीणों को जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से संपर्क करने की सलाह दी।
इसके बाद ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे चौधरी अशरफ अली ने बताया कि उन्होंने पहले ड्यूटी कमिश्नर कठुआ से मुलाकात की और फिर जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से भी मिले। अभियंता ने उन्हें आश्वासन दिया कि पेयजल समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा। ग्रामीणों ने अफसोस जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष बजट देने की घोषणा के बावजूद विभागों ने जिम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि अब तक न तो जमीन से जुड़े वादे पूरे हुए हैं और न ही पीने का पानी उपलब्ध करवाया गया है। महिलाओं को आज भी पांच किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है जहां तक वाहन भी नहीं पहुंचते। ग्रामीणों ने इसे बेहद शर्मनाक स्थिति बताया। मोहम्मद शरीफ ने कहा कि चुनावों से पहले पार्टियों ने मुफ्त पानी, राशन और गैस देने का वादा किया था, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के बाद लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत देने में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी याद दिलाते हुए कहा कि जिन वादों के आधार पर वोट मांगे गए थे उन्हें निभाया नहीं गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित फंड को तुरंत जारी किया जाए। इस मौके पर लियाकत अली, मंशा दीन, मिर्जा खान, मोहम्मद यूसुफ सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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कठुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अगस्त महीने में आई बाढ़ के बाद से बागड़ा और दिवलां गांवों में ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति को बहाल करने की मांग की है। शनिवार को ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल उपायुक्त राजेश शर्मा से मिला और उन्हें समस्या से अवगत कराया। डीसी ने ग्रामीणों को जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से संपर्क करने की सलाह दी।
इसके बाद ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे चौधरी अशरफ अली ने बताया कि उन्होंने पहले ड्यूटी कमिश्नर कठुआ से मुलाकात की और फिर जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से भी मिले। अभियंता ने उन्हें आश्वासन दिया कि पेयजल समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा। ग्रामीणों ने अफसोस जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष बजट देने की घोषणा के बावजूद विभागों ने जिम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि अब तक न तो जमीन से जुड़े वादे पूरे हुए हैं और न ही पीने का पानी उपलब्ध करवाया गया है। महिलाओं को आज भी पांच किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है जहां तक वाहन भी नहीं पहुंचते। ग्रामीणों ने इसे बेहद शर्मनाक स्थिति बताया। मोहम्मद शरीफ ने कहा कि चुनावों से पहले पार्टियों ने मुफ्त पानी, राशन और गैस देने का वादा किया था, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के बाद लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत देने में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी याद दिलाते हुए कहा कि जिन वादों के आधार पर वोट मांगे गए थे उन्हें निभाया नहीं गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित फंड को तुरंत जारी किया जाए। इस मौके पर लियाकत अली, मंशा दीन, मिर्जा खान, मोहम्मद यूसुफ सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।