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Kathua News: बारिश-बर्फबारी से ठंड बढ़ी, सड़कें अवरुद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:02 AM IST
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सरथल में ताजा बर्फबारी का लुत्फ लेते स्थानीय लोगसंवाद
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भारी बारिश से सड़क संपर्क पर पड़ा असर, बनी और लोहाई मल्हार के पहाड़ों पर फिर गिरे बर्फ के फाहे, पारा लुढका
भंडार, डोल्का, गुट्टू, कोटी और ढग्गर सहित कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/बनी। जिले में लगातार बारिश और ताजा बर्फबारी से एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ जमने से सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। वहीं, बनी-भद्रवाह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ की मशीनें बर्फ हटाने के काम में जुट गई हैं।
बारिश को देखते हुए बुधवार को लोहाई मल्हार और बनी सब डिवीजन में स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया। जानकारी के अनुसार मैदानों में 16.5 एमएम बारिश हुई। मैदानों में दिन का पारा 21.5 अधिकतम और 14.5 न्यूनतम दर्ज किया गया। बनी सब डिवीजन में पारा शून्य के नीचे लुढक गया। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। बिलावर-मछेडी मार्ग के साथ-साथ बनी के कई सड़क संपर्क भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए। इनका वाहनों की आवाजाही पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।
बनी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दिन-प्रतिदिन हो रहे इस मौसम के बदलाव और बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है। अप्रैल महीने में भी सर्दी का अहसास लौट आने से लोग हैरान हैं। बुधवार को दिन भर रुक-रुक कर होती रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण बनी को जोड़ने वाली कई ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। भंडार, डोल्का, गुट्टू, कोटी और ढग्गर सहित कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। इन सड़कों पर जगह-जगह मलबा और फिसलन होने के कारण आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। ऐसे में लोगों के रोजमर्रा के कामकाज, जरूरी सेवाओं और आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ा है।
बनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरथल में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। अप्रैल महीने में बर्फबारी का यह दुर्लभ नजारा लंबे अरसे बाद देखने को मिला है जिससे पूरे इलाके में ठंड और बढ़ गई है। पहाड़ों पर बिछी सफेद चादर ने जहां एक ओर पर्यटकों के लिए आकर्षण पैदा किया है। वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय निवासी निसार अहमद का कहना है कि लंबे अरसे पहले ऐसी स्थिति देखने को मिली थी, जब अप्रैल में भी पहाड़ों पर बर्फ गिरी थी।
अंदड़ से पहाड़ों तक फसलों पर मंडराया खतरा
विशेषज्ञों ने तुरंत पानी की निकासी सुनिश्चित करने की दी सलाह
लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से एक ओर जहां जल स्रोतों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस समय कई फसलें अंतिम चरण में हैं और यदि मौसम का यह मिजाज इसी तरह बना रहा, तो फसलों को नुकसान होने की आशंका है। क्षेत्र में मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए जहां एक तरफ राहत और खूबसूरती लेकर आया है। इससे उत्पन्न चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ विशाल महाजन ने बताया कि वीरवार से मौसम साफ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और ज्यादा बारिश से फसल के गिरने की सूचनाएं हैं। हालांकि अभी इसका ज्यादा इलाकों में असर नहीं है।
कोट
विभाग स्थिति के आकलन में जुटा हुआ है और किसानों को खेतों से जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है।
- जितेंद्र कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी
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भंडार, डोल्का, गुट्टू, कोटी और ढग्गर सहित कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/बनी। जिले में लगातार बारिश और ताजा बर्फबारी से एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ जमने से सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। वहीं, बनी-भद्रवाह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ की मशीनें बर्फ हटाने के काम में जुट गई हैं।
बारिश को देखते हुए बुधवार को लोहाई मल्हार और बनी सब डिवीजन में स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया। जानकारी के अनुसार मैदानों में 16.5 एमएम बारिश हुई। मैदानों में दिन का पारा 21.5 अधिकतम और 14.5 न्यूनतम दर्ज किया गया। बनी सब डिवीजन में पारा शून्य के नीचे लुढक गया। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। बिलावर-मछेडी मार्ग के साथ-साथ बनी के कई सड़क संपर्क भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए। इनका वाहनों की आवाजाही पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।
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बनी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। दिन-प्रतिदिन हो रहे इस मौसम के बदलाव और बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है। अप्रैल महीने में भी सर्दी का अहसास लौट आने से लोग हैरान हैं। बुधवार को दिन भर रुक-रुक कर होती रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण बनी को जोड़ने वाली कई ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। भंडार, डोल्का, गुट्टू, कोटी और ढग्गर सहित कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। इन सड़कों पर जगह-जगह मलबा और फिसलन होने के कारण आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। ऐसे में लोगों के रोजमर्रा के कामकाज, जरूरी सेवाओं और आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ा है।
बनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरथल में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। अप्रैल महीने में बर्फबारी का यह दुर्लभ नजारा लंबे अरसे बाद देखने को मिला है जिससे पूरे इलाके में ठंड और बढ़ गई है। पहाड़ों पर बिछी सफेद चादर ने जहां एक ओर पर्यटकों के लिए आकर्षण पैदा किया है। वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय निवासी निसार अहमद का कहना है कि लंबे अरसे पहले ऐसी स्थिति देखने को मिली थी, जब अप्रैल में भी पहाड़ों पर बर्फ गिरी थी।
अंदड़ से पहाड़ों तक फसलों पर मंडराया खतरा
विशेषज्ञों ने तुरंत पानी की निकासी सुनिश्चित करने की दी सलाह
लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से एक ओर जहां जल स्रोतों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस समय कई फसलें अंतिम चरण में हैं और यदि मौसम का यह मिजाज इसी तरह बना रहा, तो फसलों को नुकसान होने की आशंका है। क्षेत्र में मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए जहां एक तरफ राहत और खूबसूरती लेकर आया है। इससे उत्पन्न चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ विशाल महाजन ने बताया कि वीरवार से मौसम साफ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और ज्यादा बारिश से फसल के गिरने की सूचनाएं हैं। हालांकि अभी इसका ज्यादा इलाकों में असर नहीं है।
कोट
विभाग स्थिति के आकलन में जुटा हुआ है और किसानों को खेतों से जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है।
- जितेंद्र कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी