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Kathua News: मानसून से पहले विभागों को पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:57 AM IST
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जसरोटा के विधायक राजीव जसरोटिया ने की प्राकृतिक आपदाओं से पहले सतर्क रहने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जसरोटा के विधायक राजीव जसरोटिया ने बुधवार को प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों से आगामी मानसून सीजन से पहले पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए ठोस और सक्रिय कदम उठाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध, शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जलभराव तथा फसलों व बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था। इसकी मुख्य बजह पिछले कुछ वर्षों से तैयारी की कमी के कारण नुकसान में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि मानसून केवल एक मौसम नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारी और सामुदायिक क्षमता की परीक्षा है। हर साल देर से प्रतिक्रिया और अपर्याप्त योजना के कारण लोगों की जान और आजीविका खतरे में पड़ती है।
उन्होंने सरकार को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों, सड़कों, पुलों और जल निकासी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर मजबूत आकस्मिक योजनाएं बनाने, भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करना तथा राहत और बचाव कार्य की पहले से ही तैयारी होनी चाहिए। इसके लिए विधायक ने लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सीमा सड़क संगठन, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जो दिया। उन्होंने कहा कि नालों और जल निकासी तंत्र की समय पर सफाई और मरम्मत से जलभराव और शहरी बाढ़ को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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कठुआ। जसरोटा के विधायक राजीव जसरोटिया ने बुधवार को प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों से आगामी मानसून सीजन से पहले पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए ठोस और सक्रिय कदम उठाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध, शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जलभराव तथा फसलों व बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था। इसकी मुख्य बजह पिछले कुछ वर्षों से तैयारी की कमी के कारण नुकसान में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि मानसून केवल एक मौसम नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारी और सामुदायिक क्षमता की परीक्षा है। हर साल देर से प्रतिक्रिया और अपर्याप्त योजना के कारण लोगों की जान और आजीविका खतरे में पड़ती है।
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उन्होंने सरकार को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों, सड़कों, पुलों और जल निकासी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर मजबूत आकस्मिक योजनाएं बनाने, भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करना तथा राहत और बचाव कार्य की पहले से ही तैयारी होनी चाहिए। इसके लिए विधायक ने लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सीमा सड़क संगठन, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जो दिया। उन्होंने कहा कि नालों और जल निकासी तंत्र की समय पर सफाई और मरम्मत से जलभराव और शहरी बाढ़ को काफी हद तक रोका जा सकता है।