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Kathua News: शोपीस बना महिला डिग्री कॉलेज का बूम बैरियर
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:18 AM IST
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महिला डिग्री कॉलेज में आती छात्राएं और बंद पड़ा बूम बैरियर संवाद
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- गेट पर अटेंडेंस जांच और बाहरी प्रवेश रोकने का उद्देश्य अधूरा
- सुरक्षा के नाम पर स्थापित बैरियर, उपयोग में नहीं आया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में लगाया गया बूम बैरियर शोपीस बनकर रह गया है। कॉलेज के गेट पर अटेंडेंस चेकिंग और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्थापित यह तंत्र आज तक प्रभावी नहीं हो पाया। ऐसे में परिसर की सुरक्षा गेट पर तैनात गेट कीपर के ही भरोसे है।
योजना के अनुसार कॉलेज की छात्राओं और स्टाफ सदस्यों का डेटा इस प्रणाली में फीड किया जाना था। साथ ही परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। बाहरी व्यक्ति को प्रवेश से पहले बैरियर पर सुरक्षा औपचारिकताएं पूरी करनी थीं और केवल अल्पकालिक अनुमति मिलने पर ही प्रवेश मिलना था। स्थापना के बाद यह सुरक्षा तंत्र सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। गेट पर लगे बैरियर का उपयोग अटेंडेंस जांच या बाहरी लोगों के प्रवेश रोकने में नहीं हो रहा। छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति अब भी पारंपरिक तरीके से दर्ज की जाती है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है।
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने संभाग के कुछ कॉलेजों में इस तरह की आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई थी। इसमें कठुआ का महिला डिग्री कॉलेज भी शामिल था लेकिन यह व्यवस्था अब तक पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई है।
कोट
कॉलेज परिसर को सुरक्षित बनाने के स्थापित किए गए बूम बैरियर व अन्य सुरक्षा प्रणाली के बारे में प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द यह प्रणाली सक्रिय हो, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और कॉलेज परिसर की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके।
- प्रो. जयपाल सिंह, प्रधानाचार्य
राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, कठुआ
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- सुरक्षा के नाम पर स्थापित बैरियर, उपयोग में नहीं आया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में लगाया गया बूम बैरियर शोपीस बनकर रह गया है। कॉलेज के गेट पर अटेंडेंस चेकिंग और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्थापित यह तंत्र आज तक प्रभावी नहीं हो पाया। ऐसे में परिसर की सुरक्षा गेट पर तैनात गेट कीपर के ही भरोसे है।
योजना के अनुसार कॉलेज की छात्राओं और स्टाफ सदस्यों का डेटा इस प्रणाली में फीड किया जाना था। साथ ही परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। बाहरी व्यक्ति को प्रवेश से पहले बैरियर पर सुरक्षा औपचारिकताएं पूरी करनी थीं और केवल अल्पकालिक अनुमति मिलने पर ही प्रवेश मिलना था। स्थापना के बाद यह सुरक्षा तंत्र सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। गेट पर लगे बैरियर का उपयोग अटेंडेंस जांच या बाहरी लोगों के प्रवेश रोकने में नहीं हो रहा। छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति अब भी पारंपरिक तरीके से दर्ज की जाती है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है।
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दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने संभाग के कुछ कॉलेजों में इस तरह की आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई थी। इसमें कठुआ का महिला डिग्री कॉलेज भी शामिल था लेकिन यह व्यवस्था अब तक पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई है।
कोट
कॉलेज परिसर को सुरक्षित बनाने के स्थापित किए गए बूम बैरियर व अन्य सुरक्षा प्रणाली के बारे में प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द यह प्रणाली सक्रिय हो, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और कॉलेज परिसर की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके।
- प्रो. जयपाल सिंह, प्रधानाचार्य
राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, कठुआ