{"_id":"6a5145c62254240ce802f14b","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-133996-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल संकट : गांधी चौक पर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल संकट : गांधी चौक पर प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोरवेल से घरेलू कनेक्शनों का विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 6 और 7 के निवासियों ने शुक्रवार को गांधी चौक में पेयजल संकट को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जब भूजल विभाग की टीम वार्ड नंबर 7 स्थित डीप बोरवेल पर लगी मोटर को हटाने के लिए पहुंची तो लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि मोटर हटाए जाने से पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट और गहरा जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड नंबर 7 के गांधी चौक में कठुआ विधायक डॉ. भारत भूषण के प्रयासों से डीप बोरवेल का निर्माण कराया गया था ताकि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल समस्या का समाधान हो सके। हालांकि, बोरवेल लोगों के घरों से काफी दूरी पर है। इस कारण रोजाना वहां से पानी लाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। इसी कारण वार्ड के निवासियों ने आपसी सहयोग से बोरवेल पर मोटर लगाकर अपने घरों तक पानी पहुंचाने के लिए कनेक्शन लिए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की पानी की परेशानी से राहत मिल सके।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भूजल विभाग ने उन्हें बताया कि इस प्रकार मोटर लगाकर पानी के कनेक्शन देना विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर विभाग की टीम शुक्रवार को मोटर हटाने पहुंची, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया और गांधी चौक में प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि जब तक उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, मोटर हटाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
स्थिति को देखते हुए एसएचओ कठुआ, नायब तहसीलदार, ग्राउंड वाटर विभाग के अधिकारी, महिला पुलिस सेल तथा स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। भूजल विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का नियमों के अनुरूप स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों ने इस संबंध में 15 दिनों का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि इस अवधि में सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान तलाशा जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 6 और 7 के निवासियों ने शुक्रवार को गांधी चौक में पेयजल संकट को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जब भूजल विभाग की टीम वार्ड नंबर 7 स्थित डीप बोरवेल पर लगी मोटर को हटाने के लिए पहुंची तो लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि मोटर हटाए जाने से पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट और गहरा जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड नंबर 7 के गांधी चौक में कठुआ विधायक डॉ. भारत भूषण के प्रयासों से डीप बोरवेल का निर्माण कराया गया था ताकि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल समस्या का समाधान हो सके। हालांकि, बोरवेल लोगों के घरों से काफी दूरी पर है। इस कारण रोजाना वहां से पानी लाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। इसी कारण वार्ड के निवासियों ने आपसी सहयोग से बोरवेल पर मोटर लगाकर अपने घरों तक पानी पहुंचाने के लिए कनेक्शन लिए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की पानी की परेशानी से राहत मिल सके।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भूजल विभाग ने उन्हें बताया कि इस प्रकार मोटर लगाकर पानी के कनेक्शन देना विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर विभाग की टीम शुक्रवार को मोटर हटाने पहुंची, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया और गांधी चौक में प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि जब तक उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, मोटर हटाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
स्थिति को देखते हुए एसएचओ कठुआ, नायब तहसीलदार, ग्राउंड वाटर विभाग के अधिकारी, महिला पुलिस सेल तथा स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। भूजल विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का नियमों के अनुरूप स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों ने इस संबंध में 15 दिनों का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि इस अवधि में सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान तलाशा जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।