सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   jammu kashmir news

Kathua News: रास्ता रोककर मारपीट और धमकाने के मामले में दो आरोपी बरी

संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Thu, 26 Feb 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
jammu kashmir news
विज्ञापन
अदालत से
Trending Videos

- अदालत ने सबूतों के अभाव में सुनाया बरी करने का फैसला

- वर्ष 2018 का गढ़ मिनी बस स्टैंड बिलावर का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलावर प्रशांत कुमार ने सात साल पुराने रास्ता रोककर मारपीट और धमकाने के मामले में दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। कोर्ट ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और सबूतों में असंगति के कारण आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 323 और 506 के तहत अपराधों से बरी करने का फैसला सुनाया है।

कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला 25 जून 2016 का गढ़ मिनी बस स्टैंड बिलावर का है। इसमें पीड़ित ललित कुमार पुलिस को शिकायत में बताया कि आरोपी गणेश कुमार, राकेश कुमार और सुरजीत कुमार घटना के रात 9 बजे के करीब उसके साथ गाली-गलौज की और इसके बाद उस पर हमला किया था। इसमें पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित ने बताया कि राकेश ने उसे पीटा, गणेश ने जमीन पर गिराया और सुरजीत ने उसके सिर पर पत्थर से वार किया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों की शिकायत पुलिस स्टेशन बिलावर में गई गई। इसके बाद पुलिस ने जांच कर आरोपी गणेश और सुरजीत के खिलाफ 26 जून 2018 को आईपीसी की धारा 341, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज कर चालान को 4 जुलाई 2018 में कोर्ट में प्रस्तुत किया था। 27 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाए जाने का आग्रह किया। इसके बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को गवाहों के बयान दर्ज करने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही करवाई गई। पीडित ने गवाही में कहा कि घटना के बारे में बताया और कहा कि गवाहों के आने पर आरोपी मौके से भाग गए थे। एक अन्य गवाह ने कहा कि सुरजीत कुमार ने पीड़ित के सिर पर पत्थर से वार किया था। वहीं कुछ गवाहों ने कहा कि विवाद की वजह पानी का पंप था जबकि अन्य गवाहों ने इसका जिक्र अपनी गवाहियों में नहीं किया। इसके अलावा एक गवाह ने अपनी गवाही में कहा कि पत्थर ललित घर ले गया और बाद में पुलिस को दिया। पुलिस ने इसे मौके से जब्त दिखाया। इसके बाद कोर्ट ने गवाहों की गवाहियों में विरोधाभास बताते हुए आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed