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Kathua News: केंद्र सरकार पर लगाया किसान विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप, कोसा
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्र सरकार की कथित मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, चार लेबर कोड रद्द करने और मनरेगा की बहाली के साथ-साथ बिजली संशोधन बिल को वापस लेने की मांग उठाई।
बुधवार को माकपा कार्यकर्ताओं की प्रदर्शन रैली शहर के कालीबड़ी चौक शुरू हुई जो उपायुक्त कार्यालय के बाहर के बाहर खत्म हुई। कार्यकर्ताओं ने सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की मौजूदा नीतियां मजदूर और किसानों के अधिकारों को कमजोर कर रही है जिससे आम वर्ग प्रभावित हो रहा है। बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जबकि किसानों को सरकार उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दे रही है। इससे किसान दिन व दिन कर्ज के बोझ के नीचे दबते जा रहे है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कामरेड हरि सिंह ने आरोप लगाया कि आगामी अप्रैल से लागू हो रहे चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूर विरोधी है। इससे मजदूरों के अधिकारों को कम किए जा रहा है जबकि पूंजीपतियों को मजदूरों की लूट की छूट दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने अमरीका-भारत के बीच व्यापार समझौते का भी विरोध कर इसे रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार को किसानों को उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना चाहिए। शहीद भगत सिंह पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर माकपा नेता कामरेड किशोर ने बताया कि आगामी 24 मार्च को किसान-मजदूर दिल्ली के रामलीला मैदान में सरकार की इन नीतियों के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। उन्होंने रोष रैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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कठुआ। केंद्र सरकार की कथित मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, चार लेबर कोड रद्द करने और मनरेगा की बहाली के साथ-साथ बिजली संशोधन बिल को वापस लेने की मांग उठाई।
बुधवार को माकपा कार्यकर्ताओं की प्रदर्शन रैली शहर के कालीबड़ी चौक शुरू हुई जो उपायुक्त कार्यालय के बाहर के बाहर खत्म हुई। कार्यकर्ताओं ने सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की मौजूदा नीतियां मजदूर और किसानों के अधिकारों को कमजोर कर रही है जिससे आम वर्ग प्रभावित हो रहा है। बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जबकि किसानों को सरकार उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दे रही है। इससे किसान दिन व दिन कर्ज के बोझ के नीचे दबते जा रहे है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कामरेड हरि सिंह ने आरोप लगाया कि आगामी अप्रैल से लागू हो रहे चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूर विरोधी है। इससे मजदूरों के अधिकारों को कम किए जा रहा है जबकि पूंजीपतियों को मजदूरों की लूट की छूट दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने अमरीका-भारत के बीच व्यापार समझौते का भी विरोध कर इसे रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार को किसानों को उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना चाहिए। शहीद भगत सिंह पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर माकपा नेता कामरेड किशोर ने बताया कि आगामी 24 मार्च को किसान-मजदूर दिल्ली के रामलीला मैदान में सरकार की इन नीतियों के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। उन्होंने रोष रैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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