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Kathua News: जसमेरगढ़ किले के काली माता मंदिर की कमेटी गठन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:04 AM IST
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प्रतिनिधिमंडल के साथ कठुआ स्थित डीसी कार्यालय पहुंचे विधायक हीरानगर विजय शर्मा। संवाद
- फोटो : Samvad
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मंदिर के पुजारी पर चढ़ावा राशि का दुरुपयोग करने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हीरानगर के जसमेरगढ़ किले स्थित काला माता मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने कमेटी गठन की मांग उठाई है। बुधवार को स्थानीय विधायक विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर मंदिर के संचालन में पारदर्शिता लाने की अपील की।
विधायक ने बताया कि पिछले 30 सालों से एक ही व्यक्ति मंदिर का प्रबंधन देख रहा है। उनका आरोप है कि मंदिर में आने वाली चढ़ावा राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा और इसमें अनियमितताएं बरती जा रही हैं। विधायक ने बताया कि पूरा साल मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यहां चढावा चढ़ा रहे हैं लेकिन यह चढ़ावा मंदिर के विकास में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके चलते स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मंदिर के प्रबंधन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए जिसमें क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में कमेटी को दिया जाए। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में व्यापार मंडल, कई पंचायतों के पूर्व सरपंच व पंच, नंबरदार और गणमान्य लोग शामिल रहे।
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कठुआ। हीरानगर के जसमेरगढ़ किले स्थित काला माता मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने कमेटी गठन की मांग उठाई है। बुधवार को स्थानीय विधायक विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर मंदिर के संचालन में पारदर्शिता लाने की अपील की।
विधायक ने बताया कि पिछले 30 सालों से एक ही व्यक्ति मंदिर का प्रबंधन देख रहा है। उनका आरोप है कि मंदिर में आने वाली चढ़ावा राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा और इसमें अनियमितताएं बरती जा रही हैं। विधायक ने बताया कि पूरा साल मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यहां चढावा चढ़ा रहे हैं लेकिन यह चढ़ावा मंदिर के विकास में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके चलते स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
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स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मंदिर के प्रबंधन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए जिसमें क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में कमेटी को दिया जाए। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में व्यापार मंडल, कई पंचायतों के पूर्व सरपंच व पंच, नंबरदार और गणमान्य लोग शामिल रहे।