{"_id":"69e7e09a23d2fe51bd0c9a51","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-131253-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जीएमसी में अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जीएमसी में अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आधुनिक प्रणाली को स्थापित करने पर खर्च की जाएगी एक करोड़ रुपये की राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) इमरजेंसी की तीन मंजिला इमारत में आधुनिक अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है। आधुनिक प्रणाली को स्थापित करने पर कुल एक करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
जीएमसी प्रशासन की ओर से भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का निर्णय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिक्षण भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में डॉक्टर, एमबीबीएस प्रशिक्षु, कर्मचारी और मरीजों के परिजन मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना से निपटने के लिए आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जीएमसी के सहायक अस्पताल की पुरानी इमारत में दो साल पहले अग्निशमन प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। नवनिर्मित इमारत में इस सुविधा का अभाव था। कोरोना काल के बाद से ही नयी इमारत के सबसे नीचे वाले हिस्से में इमरजेंसी ब्लॉक संचालित हो रहा है। पहली मंजिल में सामान्य चिकित्सा और सर्जरी वार्ड स्थापित किए गए हैं।
तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इस नयी इमारत में खासकर इमरजेंसी ब्लॉक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। भवन के कई हिस्सों में विद्युत उपकरण, ऑक्सीजन लाइनें, प्रयोगशालाएं और रिकॉर्ड कक्ष हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसको देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने नवनिर्मित इमारत में अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमैटिक फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, वाटर स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट लाइन, फायर एक्सटिंग्विशर आदि स्थापित की जाएगी। इसके अलावा इमारत के विभिन्न मंजिलों और वार्डों में अग्निशमन उपकरणों के लिए अलग-अलग प्वाइंट बनाए जाएंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कोट
इमरजेंसी की नवनिर्मित इमारत में अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर एक करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभाग ने इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले माह से काम शुरू हो जाएगा जिसे अगले छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
-ईशान जसरोटिया, कनिष्ठ अभियंता, मैकेनिकल विभाग जीएमसी कठुआ
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) इमरजेंसी की तीन मंजिला इमारत में आधुनिक अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है। आधुनिक प्रणाली को स्थापित करने पर कुल एक करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
जीएमसी प्रशासन की ओर से भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का निर्णय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिक्षण भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में डॉक्टर, एमबीबीएस प्रशिक्षु, कर्मचारी और मरीजों के परिजन मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना से निपटने के लिए आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जीएमसी के सहायक अस्पताल की पुरानी इमारत में दो साल पहले अग्निशमन प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। नवनिर्मित इमारत में इस सुविधा का अभाव था। कोरोना काल के बाद से ही नयी इमारत के सबसे नीचे वाले हिस्से में इमरजेंसी ब्लॉक संचालित हो रहा है। पहली मंजिल में सामान्य चिकित्सा और सर्जरी वार्ड स्थापित किए गए हैं।
तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इस नयी इमारत में खासकर इमरजेंसी ब्लॉक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। भवन के कई हिस्सों में विद्युत उपकरण, ऑक्सीजन लाइनें, प्रयोगशालाएं और रिकॉर्ड कक्ष हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसको देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने नवनिर्मित इमारत में अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमैटिक फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, वाटर स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट लाइन, फायर एक्सटिंग्विशर आदि स्थापित की जाएगी। इसके अलावा इमारत के विभिन्न मंजिलों और वार्डों में अग्निशमन उपकरणों के लिए अलग-अलग प्वाइंट बनाए जाएंगे।
कोट
इमरजेंसी की नवनिर्मित इमारत में अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर एक करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभाग ने इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले माह से काम शुरू हो जाएगा जिसे अगले छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
-ईशान जसरोटिया, कनिष्ठ अभियंता, मैकेनिकल विभाग जीएमसी कठुआ

कमेंट
कमेंट X