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Kathua News: एनडीपीएस मामले में आरोपी को मिली सशर्त जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:16 AM IST
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आरोपी को पुलिस ने 6.35 ग्राम हेरोइन के साथ किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। कठुआ पुलिस ने आरोपी को मार्च में 6.35 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया था।
आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 30 हजार के निजी मुचलके सहित समान राशि के दो जमानतदारों को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। आरोपी को पुलिस जांच में सहयोग करने और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह जमानत याचिका जिला सत्र न्यायाधीश जतिंद्र जम्वाल की अदालत में दायर की गई थी। इसमें आरोपी अक्षय कुमार निवासी चन्नग्रां को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसके मुवक्किल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस ने दावा किया कि आरोपी से मध्य श्रेणी का मादक पदार्थ बरामद किया है। इसलिए मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 का कठोर प्रावधान लागू नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि आरोपी को दोष सिद्ध नहीं होने तक हिरासत में रखना सजा देने समान होगा। इसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी का अपराध गैर जमानती, गंभीर और समाज विरोधी है। सरकारी वकील ने आशंका जताई कि आरोपी को जमानत मिलने पर सबूतों से छेड़छाड़ होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। लिहाजा आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया गया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी से बरामद मादक पदार्थ मात्रा मध्य श्रेणी में आता है इसलिए इसमें कठोर प्रावधान लागू नहीं होते। इसमें कोई शक नहीं है कि आरोपी का अपराध गैर-जमानती है लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत दी जा सकती है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जमानत को निवारक या दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं रोका जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।
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कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। कठुआ पुलिस ने आरोपी को मार्च में 6.35 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया था।
आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 30 हजार के निजी मुचलके सहित समान राशि के दो जमानतदारों को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। आरोपी को पुलिस जांच में सहयोग करने और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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यह जमानत याचिका जिला सत्र न्यायाधीश जतिंद्र जम्वाल की अदालत में दायर की गई थी। इसमें आरोपी अक्षय कुमार निवासी चन्नग्रां को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसके मुवक्किल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस ने दावा किया कि आरोपी से मध्य श्रेणी का मादक पदार्थ बरामद किया है। इसलिए मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 का कठोर प्रावधान लागू नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि आरोपी को दोष सिद्ध नहीं होने तक हिरासत में रखना सजा देने समान होगा। इसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी का अपराध गैर जमानती, गंभीर और समाज विरोधी है। सरकारी वकील ने आशंका जताई कि आरोपी को जमानत मिलने पर सबूतों से छेड़छाड़ होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। लिहाजा आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया गया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी से बरामद मादक पदार्थ मात्रा मध्य श्रेणी में आता है इसलिए इसमें कठोर प्रावधान लागू नहीं होते। इसमें कोई शक नहीं है कि आरोपी का अपराध गैर-जमानती है लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत दी जा सकती है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जमानत को निवारक या दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं रोका जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।

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