{"_id":"69f7af89ec5d7cc31a0b05ed","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-131667-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जेएनवी प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों ने किया चार घंटे प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जेएनवी प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों ने किया चार घंटे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 04 May 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
kathua
विज्ञापन
हॉस्टल में विद्यार्थियों के उत्पीड़न, गंदगी, पानी की किल्लत और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के लगाए आरोप
मौके पर पहुंची पुलिस, समझाने के बाद लौटे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) बसोहली में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों का गुस्सा रविवार को स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। अभिभावकों ने विद्यालय परिसर के बाहर एकत्र होकर चार घंटे तक प्रदर्शन किया।
उन्होंने प्रशासन पर बच्चों से नहीं मिलने देने, हॉस्टल में जूनियर का उत्पीड़न, सामान चोरी और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और उनके समझाने के बाद ही अभिभावक वहां से हटे।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय बाद बच्चों से मिलने के लिए स्कूल आए थे मगर विद्यालय प्रशासन ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय के बाहर लगाए गए नोटिस बोर्ड के मुताबिक बच्चों से मिलने के लिए अभिभावकों के लिए महीने का पहला रविवार निर्धारित किया गया है। इसके हिसाब से जिले के अलग-अलग कोने से कई किलोमीटर का सफर कर यहां पहुंचे हैं लेकिन प्रशासन है कि उनके लिए प्रवेश देने के लिए तैयार नहीं है और न ही कोई बात करने के लिए गेट पर आ रहा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक अभिभावक गुरुदेव सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रधानाचार्य का रवैया अड़ियल है। वह इतनी दूर से आए अभिभावकों को उनके बच्चों से नहीं मिलने देना चाहती हैं। यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। इस दौरान कई अभिभावक भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों की स्थिति जाने बिना कैसे लौट सकते हैं।
भावना देवी ने आरोप लगाया कि विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को मानसिक दबाव में रखा जा रहा है। सीनियर विद्यार्थी जूनियर का सामान चोरी कर लेते हैं और जब बच्चे इसका विरोध करते हैं तो उनका प्रशासन और सीनियर की ओर से उत्पीड़न किया जाता है। कई बार बच्चे को बाथरूम की बाल्टी और स्कूल यूनिफॉर्म दिला चुकी हूं मगर हर बार वह चोरी हो जाते हैं।
एक अन्य सिंगल पेरेंट महिला अभिभावक ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं है। बच्चे फोन पर बताते हैं कि छात्रावास में गंदगी का आलम है। नियमित सफाई नहीं होती। बाथरूम में समय पर पानी नहीं मिलता और बीमार पड़ने पर भी समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई बच्चा इन असुविधाओं की जानकारी अपने अभिभावकों को देता है तो प्रशासन उस पर सख्ती दिखाता है जिससे बच्चे खुलकर शिकायत करने से डरते हैं।
प्रदर्शन में शामिल अन्य अभिभावक ने प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया कि वह स्कूल में मनमानी चला रहा है। गत माह वह अपने बच्चे को उसके चचेरे भाई की शादी के लिए लेने आई थी। प्रधानाचार्य ने उसे चार घंटे स्कूल में बैठाकर रखा और कहा कि बच्चे को शादी में जाने की कोई जरूरत नहीं है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन को बता देना चाहिए कि किन-किन समारोह में बच्चों को जाने की अनुमति है।
कोट
गत माह हुई पेरेंट- शिक्षक कौंसिल में यह तय किया गया था कि अभिभावकों को मिलने के लिए हर माह का दूसरा शनिवार तय किया गया है। इसकी सूचना विद्यार्थियों को अगले ही दिन सुबह की सभा में और व्हाट्सएप ग्रुप से पहुंचा चुके हैं। बिना तय समय से किसी को भी विद्यालय में आने की अनुमति नहीं है।
- अर्चना शर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय बसोहली
Trending Videos
मौके पर पहुंची पुलिस, समझाने के बाद लौटे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) बसोहली में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों का गुस्सा रविवार को स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। अभिभावकों ने विद्यालय परिसर के बाहर एकत्र होकर चार घंटे तक प्रदर्शन किया।
उन्होंने प्रशासन पर बच्चों से नहीं मिलने देने, हॉस्टल में जूनियर का उत्पीड़न, सामान चोरी और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और उनके समझाने के बाद ही अभिभावक वहां से हटे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय बाद बच्चों से मिलने के लिए स्कूल आए थे मगर विद्यालय प्रशासन ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय के बाहर लगाए गए नोटिस बोर्ड के मुताबिक बच्चों से मिलने के लिए अभिभावकों के लिए महीने का पहला रविवार निर्धारित किया गया है। इसके हिसाब से जिले के अलग-अलग कोने से कई किलोमीटर का सफर कर यहां पहुंचे हैं लेकिन प्रशासन है कि उनके लिए प्रवेश देने के लिए तैयार नहीं है और न ही कोई बात करने के लिए गेट पर आ रहा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक अभिभावक गुरुदेव सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रधानाचार्य का रवैया अड़ियल है। वह इतनी दूर से आए अभिभावकों को उनके बच्चों से नहीं मिलने देना चाहती हैं। यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। इस दौरान कई अभिभावक भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों की स्थिति जाने बिना कैसे लौट सकते हैं।
भावना देवी ने आरोप लगाया कि विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को मानसिक दबाव में रखा जा रहा है। सीनियर विद्यार्थी जूनियर का सामान चोरी कर लेते हैं और जब बच्चे इसका विरोध करते हैं तो उनका प्रशासन और सीनियर की ओर से उत्पीड़न किया जाता है। कई बार बच्चे को बाथरूम की बाल्टी और स्कूल यूनिफॉर्म दिला चुकी हूं मगर हर बार वह चोरी हो जाते हैं।
एक अन्य सिंगल पेरेंट महिला अभिभावक ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं है। बच्चे फोन पर बताते हैं कि छात्रावास में गंदगी का आलम है। नियमित सफाई नहीं होती। बाथरूम में समय पर पानी नहीं मिलता और बीमार पड़ने पर भी समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई बच्चा इन असुविधाओं की जानकारी अपने अभिभावकों को देता है तो प्रशासन उस पर सख्ती दिखाता है जिससे बच्चे खुलकर शिकायत करने से डरते हैं।
प्रदर्शन में शामिल अन्य अभिभावक ने प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया कि वह स्कूल में मनमानी चला रहा है। गत माह वह अपने बच्चे को उसके चचेरे भाई की शादी के लिए लेने आई थी। प्रधानाचार्य ने उसे चार घंटे स्कूल में बैठाकर रखा और कहा कि बच्चे को शादी में जाने की कोई जरूरत नहीं है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन को बता देना चाहिए कि किन-किन समारोह में बच्चों को जाने की अनुमति है।
कोट
गत माह हुई पेरेंट- शिक्षक कौंसिल में यह तय किया गया था कि अभिभावकों को मिलने के लिए हर माह का दूसरा शनिवार तय किया गया है। इसकी सूचना विद्यार्थियों को अगले ही दिन सुबह की सभा में और व्हाट्सएप ग्रुप से पहुंचा चुके हैं। बिना तय समय से किसी को भी विद्यालय में आने की अनुमति नहीं है।
- अर्चना शर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय बसोहली
