{"_id":"6a29cadde1f5f950c30f1404","slug":"jammu-kashmir-news-rajouri-news-c-272-1-raj1001-107467-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: लैंडमाइन विस्फोट से गूंजा केरी और नौशेरा सेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: लैंडमाइन विस्फोट से गूंजा केरी और नौशेरा सेक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
एलओसी के पास के जंगल मे फेंसिंग से पहले वाले इलाके मे आग बुझाते वन कर्मचारी फोटो स्रोत सूत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एलओसी के अग्रिम क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग
संवाद न्यू एजेंसी
राजोरी। नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे जंगलों में लगी भीषण आग के कारण अग्रिम क्षेत्रों में बिछाई गई लैंडमाइनों के विस्फोट होने की घटनाएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार कई वन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और शुष्क मौसम के कारण आग भड़क उठी है। यह आग विशेष रूप से बारात गाला, कस कांछा, मुंडी मोडा, रत्तल, बसाली, मिट्टीधारा और नौशेरा सेक्टर के लाम, चिट्टी बकरी, सेर मकड़ी तथा द्रूनी गाला सहित कई अग्रिम इलाकों में फैल गई है।
बताया जा रहा है कि आग नियंत्रण रेखा की फेंसिंग के आगे स्थित उन क्षेत्रों तक पहुंच गई है जहां सुरक्षा कारणों से बड़ी संख्या में लैंडमाइन बिछाई गई हैं। आग की चपेट में आने के बाद कई स्थानों पर लैंडमाइन विस्फोट होने की आवाजें सुनाई दीं। इससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इन विस्फोटों के चलते आग बुझाने का कार्य भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
सूत्रों के अनुसार जिन क्षेत्रों में आग लगी हुई है वे पूरी तरह से फॉरवर्ड लोकेशन हैं और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण वहां आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में आग पर काबू पाने की जिम्मेदारी सेना की ओर से स्वयं संभाली जा रही है। सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में लगातार आग को नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी भूभाग, तेज हवाओं और अत्यधिक गर्मी के कारण आग तेजी से फैल रही है। आग पर काबू पाने के लिए सेना का अभियान जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
संवाद न्यू एजेंसी
राजोरी। नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे जंगलों में लगी भीषण आग के कारण अग्रिम क्षेत्रों में बिछाई गई लैंडमाइनों के विस्फोट होने की घटनाएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार कई वन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और शुष्क मौसम के कारण आग भड़क उठी है। यह आग विशेष रूप से बारात गाला, कस कांछा, मुंडी मोडा, रत्तल, बसाली, मिट्टीधारा और नौशेरा सेक्टर के लाम, चिट्टी बकरी, सेर मकड़ी तथा द्रूनी गाला सहित कई अग्रिम इलाकों में फैल गई है।
बताया जा रहा है कि आग नियंत्रण रेखा की फेंसिंग के आगे स्थित उन क्षेत्रों तक पहुंच गई है जहां सुरक्षा कारणों से बड़ी संख्या में लैंडमाइन बिछाई गई हैं। आग की चपेट में आने के बाद कई स्थानों पर लैंडमाइन विस्फोट होने की आवाजें सुनाई दीं। इससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इन विस्फोटों के चलते आग बुझाने का कार्य भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार जिन क्षेत्रों में आग लगी हुई है वे पूरी तरह से फॉरवर्ड लोकेशन हैं और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण वहां आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में आग पर काबू पाने की जिम्मेदारी सेना की ओर से स्वयं संभाली जा रही है। सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में लगातार आग को नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी भूभाग, तेज हवाओं और अत्यधिक गर्मी के कारण आग तेजी से फैल रही है। आग पर काबू पाने के लिए सेना का अभियान जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।