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Rajouri News: नुसरत जहां मौत मामले में न्यायिक जांच की मांग तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:20 AM IST
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नुसरत जहां मौत मामले में न्यायिक जांच की मांग को लेकर जीएमसी राजोेरी के बाहर प्रदर्शन फोटो स्रो
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युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी मेडिकल कॉलेज के सामने किया प्रदर्शन
युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई कई मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। नुसरत जहां की जीएमसी में डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) एवं संबद्ध अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की न्यायिक जांच कराने, कथित रूप से उपचार में शामिल डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नुसरत जहां की मौत ने जिले में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मांग नुसरत जहां मौत मामले की न्यायिक जांच कराने की रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है तथा आम लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास बहाल कर सकती है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि वे डॉक्टर जो पिछले दो दशकों से अधिक समय से राजोेरी में तैनात हैं, उनका तबादला किया जाए। उनका आरोप था कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित होती है।
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हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य केवल न्याय सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में जवाबदेही को मजबूत बनाना है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामलों को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को पुलिस कार्रवाई के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटरंका क्षेत्र में भी जीएमसी राजोेरी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता एवं पीडीपी नेता गुफ्तार चौधरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनता की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाए और नुसरत जहां मौत मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन अथवा जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई कई मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। नुसरत जहां की जीएमसी में डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) एवं संबद्ध अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की न्यायिक जांच कराने, कथित रूप से उपचार में शामिल डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नुसरत जहां की मौत ने जिले में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मांग नुसरत जहां मौत मामले की न्यायिक जांच कराने की रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है तथा आम लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास बहाल कर सकती है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि वे डॉक्टर जो पिछले दो दशकों से अधिक समय से राजोेरी में तैनात हैं, उनका तबादला किया जाए। उनका आरोप था कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित होती है।
हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य केवल न्याय सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में जवाबदेही को मजबूत बनाना है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामलों को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को पुलिस कार्रवाई के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटरंका क्षेत्र में भी जीएमसी राजोेरी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता एवं पीडीपी नेता गुफ्तार चौधरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनता की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाए और नुसरत जहां मौत मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन अथवा जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।